युवा शक्ति से गढ़ा जा रहा है ‘विकसित भारत’ का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की असली ताकत उसकी युवा पीढ़ी है। स्वामी विवेकानंद के पदचिन्हों पर चलते हुए आज का युवा राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री बुधवार को अपने निवास पर ’29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव’ और ‘विकसित भारत यंग लीडर संवाद’ में भाग लेने जा रहे प्रदेश के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।
प्रमुख बिंदु: युवा संवाद की खास बातें
वैश्विक मंच पर भारत: मुख्यमंत्री ने विवेकानंद के शिकागो भाषण का स्मरण करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने विश्व को भारतीय चेतना से परिचित कराया, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा भारत को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश की भागीदारी: इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘यंग लीडर संवाद’ में राज्य के 47 युवा और ‘राष्ट्रीय युवा उत्सव’ में 29 युवाओं का दल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगा।
कृषि कल्याण वर्ष: डॉ. यादव ने साझा किया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के रूप में घोषित किया है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती और पशुपालन को बढ़ावा देना है।
युवाओं की जिज्ञासा और मुख्यमंत्री के सुझाव
संवाद के दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता से समाधान किया:
विषय, मुख्यमंत्री का परामर्श
प्रभावी भाषण कला,केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है। निरंतर स्वाध्याय (Self-study) और पाठ्यक्रम के बाहर की दुनिया को समझने से ही वाणी में प्रभाव आता है।
प्राकृतिक खेती व स्टार्टअप,प्राकृतिक खेती में युवाओं के लिए स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं। मध्य प्रदेश श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन में अग्रणी है।
सिंचाई और विकास,प्रदेश में सिंचाई का रकबा 7.5 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 58 लाख हेक्टेयर हो गया है। खेती में आधुनिक तकनीक और विविधता लाना समय की मांग है।
2047 का लक्ष्य और युवाओं की भूमिका
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘ज्ञान’ (G-गरीब, Y-युवा, A-अन्नदाता, N-नारी) मॉडल में युवा सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित किया कि वे 11 और 12 जनवरी को दिल्ली में अपने विचारों के माध्यम से प्रदेश का मान बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री ने अंत में युवाओं को “जय जवान-जय किसान” का महत्व समझाते हुए कहा कि खेती और व्यवसाय का संगम ही भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘वन्दे-मातरम्’ के गान के साथ हुआ।
















