राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के आर्थिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक त्रिआयामी मॉडल पेश किया है। इंदौर में ‘ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन’ के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश अब केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि, उद्योग और व्यापार के साझा प्रयासों से विकास की नई इबारत लिखेगा।
दाल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग में नंबर-1 बनने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि मध्य प्रदेश वर्तमान में देश का ‘फूड बास्केट’ बन चुका है और खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे पायदान पर है। उन्होंने कुछ प्रमुख घोषणाएं और लक्ष्य सामने रखे:
मंडी शुल्क में राहत: तुअर दाल से मंडी टैक्स हटाने के बाद अब सरकार उड़द और मसूर पर भी इसी तरह की राहत देने पर विचार कर रही है।
किसानों को बोनस: दलहन फसलों (विशेषकर मसूर और उड़द) को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही किसानों को बोनस देने की योजना लागू की जाएगी।
दूध उत्पादन: राज्य में दुग्ध उत्पादन की क्षमता को 9% से बढ़ाकर 20% करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
कृषि विकास: वर्तमान में प्रदेश की जीडीपी में कृषि का योगदान 39% है, जिसे और सशक्त बनाने के लिए 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।
उद्योगों के लिए ‘रेड कार्पेट’ स्वागत
डॉ. यादव ने निवेशकों को लुभाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की धरती पर “जमीन से लेकर मशीन” तक हर स्तर पर सरकारी सहयोग मिलेगा। उद्योगपतियों के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं:
वेतन सहायता: रोजगार बढ़ाने वाले उद्योगों को सरकार 10 वर्षों तक प्रति श्रमिक 5,000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि देगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर: बिजली, पानी और सुगम भूमि आवंटन के साथ-साथ बेहतर रेल, रोड और एयर कार्गो कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है।
सरल कानून: व्यापार को आसान बनाने के लिए श्रम कानूनों का सरलीकरण किया गया है।
“प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में अब भारत का बजट वैश्विक नीतियों का आधार बनता है। हमारे लिए अन्नदाता (किसान) प्राथमिकता हैं और उनके हितों से कोई समझौता नहीं होगा।” – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
आगामी कार्यशाला और प्रदर्शनी
व्यापार जगत की समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए जल्द ही भोपाल में एक वृहद कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें दाल मिल संचालक, निर्यातक और विशेषज्ञ शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री ने इंदौर में ‘ग्रेन-एक्स इंडिया’ प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। इस तीन दिवसीय आयोजन में कनाडा, तुर्की और स्पेन जैसे देशों की आधुनिक दाल मिलिंग और मसाला मशीनरी का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने स्वामीनारायण मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की समृद्धि की कामना भी की।
















