भारत में ईंधन का कोई संकट नहीं : पेट्रोलियम मंत्री ने दी अफवाहों से बचने की सलाह

नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उपजे तनाव के बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है। लोकसभा में स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
एलपीजी उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले पांच दिनों में एलपीजी (LPG) के उत्पादन में 28% की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार की प्राथमिकता देश के 33 करोड़ परिवारों, विशेषकर गरीब तबके की रसोई तक निर्बाध गैस आपूर्ति बनाए रखना है।
तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया:
बुकिंग अंतराल: मांग को व्यवस्थित करने के लिए शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुकिंग का प्रावधान किया गया है।
डिलीवरी का समय: सिलेंडर बुक होने के बाद औसतन ढाई दिन में डिलीवरी दी जा रही है, जो सामान्य स्थिति के बराबर है।
संस्थानों को प्राथमिकता: अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।
वैश्विक संकट और भारत की रणनीति
हरदीप सिंह पुरी ने स्वीकार किया कि दुनिया ऊर्जा के एक बड़े संकट से गुजर रही है क्योंकि वैश्विक कच्चे तेल का 20% हिस्सा जिस होर्मुज मार्ग से आता है, वह वर्तमान में बाधित है। हालांकि, भारत ने अपनी कूटनीति और रणनीतिक सूझबूझ से इसके विकल्प ढूंढ लिए हैं:
स्रोतों में विविधता: भारत अब 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है।
वैकल्पिक मार्ग: पहले भारत का 45% तेल होर्मुज मार्ग से आता था, जिसे अब घटाकर वैकल्पिक मार्गों (जैसे अमेरिका, रूस, कनाडा और नॉर्वे) से 70% तक कर दिया गया है।
रिफाइनरी क्षमता: देश की रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता, और कई मामलों में तो 100% से भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं।
पड़ोसियों से तुलना और जनता से अपील
पड़ोसी देशों की खस्ताहाल स्थिति का जिक्र करते हुए (नाम लिए बिना) उन्होंने कहा कि जहां अन्य देशों में ईंधन बचाने के लिए स्कूल बंद किए जा रहे हैं और वर्क-फ्रॉम-होम लागू है, वहीं भारत में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। स्कूल खुले हैं और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।
उन्होंने अंत में जनता से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही ऐसी खबरें फैलाएं जिससे समाज में अनावश्यक डर पैदा हो।
















