रायपुर में सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ीं : सिटी बस सेवा बंद होने की आशंका, 3500 कर्मियों पर पड़ेगा असर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी कर्मचारियों के लिए दफ्तर पहुंचना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। मंत्रालय और प्रमुख सरकारी कार्यालयों को जोड़ने वाली सिटी बस सेवा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
क्या है पूरा मामला?
राजधानी के सरकारी दफ्तरों और मंत्रालय तक सुगम सफर कराने वाली सिटी बस सेवा के संचालन को लेकर रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के बीच हुआ वैकल्पिक समझौता 31 अक्टूबर को समाप्त होने जा रहा है। इस अनुबंध के खत्म होते ही बसों के पहिए थमने की आशंका जताई जा रही है। स्थिति को भांपते हुए पंजीयन विभाग ने पहले ही अपने कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था खुद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रभावित होने वाले आंकड़े और व्यवस्था
दैनिक यात्री: वर्तमान में रोजाना करीब 3,500 सरकारी कर्मचारी इस बस सेवा के जरिए आवागमन करते हैं।
बसों का बेड़ा: मंत्रालय और अन्य दफ्तरों के लिए कुल 66 बसों का संचालन किया जाता है।
संभावित असर: सेवा बंद होने से कर्मचारियों का मासिक खर्च बढ़ने के साथ-साथ रोजाना समय पर ऑफिस पहुंचना भी बेहद मुश्किल हो जाएगा।
कर्मचारियों में नाराजगी
बस सेवा बंद होने की सुगबुगाहट से कर्मचारियों के बीच रोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि इस सेवा के बंद होने से न केवल उनका यात्रा खर्च काफी बढ़ जाएगा, बल्कि रोजाना ट्रैफिक और समय पर कार्यालय पहुंचना भी उनके लिए एक बड़ी और तनावपूर्ण चुनौती बन जाएगा।
















