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ट्रंप प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें : 175 अरब डॉलर के ‘अवैध’ टैरिफ को लौटाने के लिए डेमोक्रेट्स का हमला

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप सरकार के टैरिफ (आयात शुल्क) को गैर-कानूनी करार दिए जाने के बाद अब व्हाइट हाउस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप प्रशासन द्वारा अब तक वसूले गए 175 अरब डॉलर को जनता को वापस करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

क्या है नया विधेयक और इसकी मांगें?

सीनेट के तीन प्रमुख डेमोक्रेट सांसदों—रॉन वाइडन (ओरेगन), एड मार्की (मैसाचुसेट्स) और जीन शहीन (न्यू हैम्पशायर)—ने सोमवार को एक नया बिल पेश किया है। इस विधेयक की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

180 दिनों की समय सीमा: ‘अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन’ विभाग को 6 महीने के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

ब्याज सहित वापसी: वसूली गई मूल राशि के साथ-साथ उस पर ब्याज भी देने की मांग की गई है।

छोटे व्यवसायों को प्राथमिकता: रिफंड प्रक्रिया में सबसे पहले लघु उद्योगों और स्थानीय निर्माताओं को राहत देने का प्रस्ताव है।

आम उपभोक्ताओं को लाभ: कंपनियों और थोक व्यापारियों से अपील की गई है कि वे रिफंड का लाभ सीधे आम ग्राहकों तक पहुंचाएं।

सीनेटर रॉन वाइडन ने कड़े शब्दों में कहा कि इन “अवैध शुल्कों” ने अमेरिकी परिवारों और छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने जोर दिया कि अर्थव्यवस्था को सुधारने का पहला कदम इस पैसे को वापस उनके पास पहुंचाना है।

राजनीतिक रस्साकशी और ट्रंप सरकार का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने बीते शुक्रवार को 6-3 के बहुमत से इन शुल्कों के खिलाफ फैसला सुनाया था, लेकिन ट्रंप प्रशासन फिलहाल इस विशाल राशि को वापस करने के पक्ष में नहीं दिख रहा है।

पक्ष,स्टैंड/तर्क

डेमोक्रेट्स,ट्रंप ने अवैध रूप से जनता पर बोझ डाला; मिडटर्म चुनाव से पहले यह एक बड़ा मुद्दा है।
व्हाइट हाउस,”प्रवक्ता कुश देसाई के अनुसार, रिफंड का मामला अदालती कार्यवाही के अधीन है।”

इट हाउस ने डेमोक्रेट्स के इस कदम को राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी जनता को कमजोर करने की एक “दयनीय” कोशिश बताया है। प्रशासन का तर्क है कि रिफंड की कोई भी प्रक्रिया जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के बिना संभव नहीं है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि रिपब्लिकन नियंत्रण वाली संसद में इस विधेयक का पारित होना कठिन है। हालांकि, नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterms) को देखते हुए, डेमोक्रेट्स इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर ट्रंप सरकार की आर्थिक नीतियों को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

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