अमेरिका में सरकारी योजनाओं में धांधली पर लगाम : ट्रंप प्रशासन ने गठित किया ‘एंटी-फ्रॉड टास्क फोर्स’

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं (Welfare Programs) में बढ़ रही धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक उच्चस्तरीय फेडरल टास्क फोर्स का गठन किया है। इस पहल की घोषणा करते हुए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया कि टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर
वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा मानकों में ढील दी गई थी, जिसका फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर गबन किया गया। अब सरकार इन सुरक्षा चक्रों (Anti-fraud safeguards) को न केवल बहाल कर रही है, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच तालमेल भी बढ़ा रही है।
इस रणनीति के तहत स्वास्थ्य, आवास, कृषि और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को एक मंच पर लाया जाएगा ताकि डेटा और इंटेलिजेंस साझा करके गड़बड़ियों को तुरंत पकड़ा जा सके।
जरूरतमंदों के हक पर डाका
उपराष्ट्रपति ने मिनेसोटा का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे मेडिकेड (Medicaid) घोटाले के कारण ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए आवंटित करोड़ों डॉलर गलत हाथों में चले गए। उन्होंने कहा:
“यह केवल धन की चोरी नहीं है, बल्कि उन सेवाओं की चोरी है जिन पर आम अमेरिकी नागरिक निर्भर हैं। धोखाधड़ी करने वाले अमीर हो रहे हैं, जबकि वास्तव में जरूरतमंद परिवार सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।”
राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक भरोसा
टास्क फोर्स का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बढ़ते घोटाले सरकारी व्यवस्था पर जनता के विश्वास को खत्म कर रहे हैं। इसे एक ‘अस्तित्व का खतरा’ बताते हुए अधिकारियों ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्यायिक विभाग के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया है।
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि वेरिफिकेशन की कमी के कारण कई योजनाएं वर्तमान में असुरक्षित हैं, जिन्हें अब सख्त जांच के दायरे में लाया जाएगा।
















