ट्रंप प्रशासन का बड़ा फैसला : 1 जनवरी से 7 देशों के नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर पूर्ण रोक

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से इमिग्रेशन (आप्रवासन) नियमों में भारी बदलाव की घोषणा की है। राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रंप प्रशासन ने सात विशिष्ट देशों और फिलिस्तीनी यात्रा दस्तावेज रखने वाले व्यक्तियों पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अतिरिक्त, 15 अन्य देशों के नागरिकों के लिए भी अमेरिका में प्रवेश के नियमों को पहले से अधिक कड़ा और सीमित कर दिया गया है।
कब से लागू होंगे नए नियम?
व्हाइट हाउस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ये नए प्रतिबंध 1 जनवरी 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगे। प्रशासन का तर्क है कि जिन देशों को इस सूची में रखा गया है, वहां वीजा जांच की प्रक्रिया विश्वसनीय नहीं है। साथ ही, इन देशों के नागरिकों द्वारा वीजा अवधि से अधिक रुकने (वीजा ओवरस्टे) और आतंकी गतिविधियों की आशंका जैसे जोखिमों को इस सख्त कदम का मुख्य कारण बताया गया है।
किन देशों पर गिरी गाज?
नए आदेश के तहत जिन देशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
सीरिया
दक्षिण सूडान
माली
नाइजर
बुर्किना फासो
लाओस और सिएरा लियोन (इन दोनों देशों पर पहले आंशिक प्रतिबंध थे, जिन्हें अब पूर्ण प्रतिबंध में बदल दिया गया है)।
इसके अलावा, फिलिस्तीनी अथॉरिटी के यात्रा दस्तावेजों का उपयोग करने वाले लोगों के अमेरिका आने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सुरक्षा और बढ़ता दायरा
इस नए बदलाव के बाद, अब उन देशों की कुल संख्या 39 हो गई है जो किसी न किसी प्रकार के अमेरिकी यात्रा प्रतिबंध या प्रवेश प्रतिबंधों का सामना कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और देश की इमिग्रेशन प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए उठाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कड़े फैसले के बाद वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक बहस छिड़ सकती है और मानवाधिकार संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।
















