ट्रंप का नया ‘नक्शा’ : कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने हाल ही में ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक एआई (AI) द्वारा निर्मित काल्पनिक नक्शा साझा किया, जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका के हिस्से के रूप में दिखाया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने यह तस्वीर साझा की है; उन्होंने अपने कार्यकाल की शुरुआत (20 जनवरी 2026) में भी इसे पोस्ट किया था। सोमवार को दोबारा साझा की गई इस फोटो में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर जैसे दिग्गज नेता इस नक्शे को हैरानी से देखते नजर आ रहे हैं, जबकि ट्रंप आत्मविश्वास के साथ इन नए क्षेत्रों को अमेरिका के रूप में प्रदर्शित कर रहे हैं।
विस्तारवादी बयानों के पीछे का तर्क
इस पोस्ट ने दुनिया भर के राजनयिकों के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है। ट्रंप के इस कदम को उनके पुराने दावों से जोड़कर देखा जा रहा है:
ग्रीनलैंड: ट्रंप लंबे समय से ग्रीनलैंड (जो डेनमार्क का हिस्सा है) को खरीदने की इच्छा जताते रहे हैं। उनका मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए यह द्वीप अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
कनाडा: ट्रंप ने मजाक और चेतावनी के बीच कई बार कनाडा को अमेरिका का ’51वां राज्य’ बनाने की बात कही है।
वेनेजुएला: हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद, ट्रंप ने इस दक्षिण अमेरिकी देश को भी अपने काल्पनिक विस्तार में शामिल कर लिया है।
“हम हमला नहीं करेंगे, खरीद लेंगे”
हाल ही में ‘अल्फाल्फा क्लब’ में आयोजित एक डिनर के दौरान ट्रंप ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा था कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य हमला करने के बजाय उसे खरीदने में दिलचस्पी रखता है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा:
“मैं कनाडा को 51वां राज्य बनाना चाहता हूं। ग्रीनलैंड 52वां और वेनेजुएला 53वां राज्य हो सकता है।”
राजनयिक तनाव और कनाडा की प्रतिक्रिया
ट्रंप के इन बयानों से पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों में खटास देखी जा रही है। विशेष रूप से कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इन दावों पर कड़ी आपत्ति जताई है। मई 2025 में ओवल ऑफिस में हुई एक मुलाकात के दौरान कार्नी ने ट्रंप को स्पष्ट कर दिया था कि कनाडा “बिक्री के लिए नहीं है।” उन्होंने ट्रंप को उनके रियल एस्टेट बैकग्राउंड की याद दिलाते हुए कहा था कि दुनिया में कुछ संपत्तियां ऐसी होती हैं जिन्हें कभी खरीदा नहीं जा सकता।
















