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फर्जी वोटिंग रोकने के लिए उद्धव और राज ठाकरे की सेनाएं एक साथ

मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र के आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। फर्जी मतदान के मुद्दे पर अब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की मनसे (MNS) ने हाथ मिला लिया है। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने स्पष्ट किया है कि 15 जनवरी को होने वाले मतदान के दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता मिलकर जमीन पर उतरेंगे ताकि किसी भी प्रकार की धांधली को रोका जा सके।

संयुक्त दस्ते का गठन और रणनीति

संजय राउत के अनुसार, दोनों दलों ने एक विशेष ‘संयुक्त दस्ता’ तैयार किया है। यह टीम चुनाव के दिन सुबह 7 बजे से ही सक्रिय हो जाएगी। इस टीम का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना और उन्हें रोकना है जो कथित तौर पर दोहरी वोटिंग या फर्जी पहचान के जरिए मतदान करने की कोशिश करेंगे। राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कोई फर्जी मतदाता पकड़ा जाता है, तो कार्यकर्ता उससे अपने तरीके से ‘निपटेंगे’।

गठबंधन के पीछे के समीकरण

यह तालमेल ऐसे समय में देखने को मिल रहा है जब मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना का प्रभाव बढ़ रहा है। अपने राजनीतिक गढ़ को बचाने के लिए धुर विरोधी रहे उद्धव और राज ठाकरे के कार्यकर्ता अब एक मोर्चे पर खड़े नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने पहले ही चुनाव आयोग के सामने मतदाता सूची में गड़बड़ी और दोहराव की शिकायत दर्ज कराई थी।

कानून और सुरक्षा पर सवाल

जब संजय राउत से इस तरह की सीधी कार्रवाई के कानूनी परिणामों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि फर्जी मतदान खुद एक बड़ा अपराध है। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करते हैं, उन्हें रोकना कानून व्यवस्था का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए।

फिलहाल, 29 नगर निकायों के लिए होने वाला यह चुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है, जहां एक तरफ सत्ताधारी गठबंधन है और दूसरी तरफ ‘ठाकरे भाइयों’ की संयुक्त ताकत।

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