उन्नाव दुष्कर्म मामला : कुलदीप सेंगर की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाया ब्रेक

नई दिल्ली (एजेंसी)। उन्नाव दुष्कर्म कांड में सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें सेंगर को जमानत दी गई थी। कोर्ट के इस कड़े रुख को सेंगर के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
सीबीआई की अपील पर शीर्ष अदालत का फैसला
हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए उसे सशर्त जमानत प्रदान की थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सोमवार को तीन न्यायाधीशों की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की दलीलों को स्वीकार किया और हाईकोर्ट के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
बढ़ता विरोध और न्याय की मांग
सेंगर को जमानत मिलने के बाद से ही सामाजिक स्तर पर भारी नाराजगी देखी जा रही थी। शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया था।
पीड़ित परिवार का पक्ष: प्रदर्शन के दौरान पीड़िता की मां ने भावुक होते हुए दोषी के लिए कठोरतम दंड (फांसी) की मांग की।
जनता की राय: प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि जघन्य अपराधों में संलिप्त दोषियों को राहत देने से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे न्याय प्रणाली के प्रति आम जनता का विश्वास डगमगा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेगा। कोर्ट इस मामले की विस्तृत समीक्षा करेगा और आगामी सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि सेंगर की सजा का निलंबन बरकरार रहेगा या नहीं।
















