मध्यप्रदेश

सुरक्षा का अटूट विश्वास : मध्य प्रदेश बनेगा आधुनिक कमांडो ट्रेनिंग का नया केंद्र

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी के लाल परेड मैदान में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) और मध्य प्रदेश पुलिस के संयुक्त क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति की पक्षधर होने के बावजूद, भारत अब अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

तूमड़ा में बनेगा अत्याधुनिक डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए दो बड़ी घोषणाएं कीं:

नया प्रशिक्षण केंद्र: भोपाल की हुजूर तहसील के तूमड़ा गांव में एक हाई-टेक ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र आकस्मिक आपदाओं और उग्रवादी चुनौतियों से निपटने के लिए जवानों को तैयार करेगा।

CTG का आधुनिकीकरण: काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (CTG) को अपग्रेड करने के लिए 200 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार है, जिस पर सरकार जल्द ही काम शुरू करेगी।

“NSG है तो हम सुरक्षित हैं”

मुख्यमंत्री ने NSG को भारत का ‘अभेद्य कवच’ बताते हुए कहा कि यह बल न केवल पेशेवर दक्षता बल्कि अदम्य साहस का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “आज दुनिया जानती है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत छेड़ने वालों को छोड़ता नहीं है। NSG की मौजूदगी नागरिकों को यह भरोसा दिलाती है कि आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर हम हर स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।”

साहस का सजीव प्रदर्शन

कार्यक्रम के दौरान NSG कमांडोज ने लाल परेड मैदान में मॉक ड्रिल के जरिए आतंकी हमलों को विफल करने का जीवंत प्रदर्शन किया। जवानों ने जमीन से लेकर आसमान तक अपनी युद्ध कौशल तकनीक और जांबाजी का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने इस शो की सराहना करते हुए इसे ‘पुरुषार्थ की पराकाष्ठा’ बताया।

एक माह तक चलेगी स्पेशल ट्रेनिंग

मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने जानकारी दी कि:

यह संयुक्त प्रशिक्षण 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक चलेगा।

इसमें पुलिस के जवान काउंटर टेररिस्ट अटैक और आधुनिक युद्ध कौशल जैसे 8 प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण लेंगे।

NSG महानिदेशक बी. श्रीनिवासन के अनुसार, अब तक मध्य प्रदेश के 1,164 जवानों सहित देश के लगभग 26,000 जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

नक्सल मुक्त प्रदेश और भविष्य की चुनौतियां

डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब नेतृत्व भी सुरक्षित नहीं था, लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने गर्व व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश अब पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है और एटीएस (ATS) आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह खड़ी है।

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और NSG के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण ले रहे जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

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