मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति का उत्थान : शिक्षा से स्वावलंबन तक, सरकार की नई पहल

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप पर काम कर रही है। मंगलवार को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों और भविष्य के लक्ष्यों को साझा किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य की लगभग 1.13 करोड़ अनुसूचित जाति की आबादी को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  1. शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

सरकार का मुख्य फोकस विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है:

आदर्श छात्रावास: प्रदेश के 1913 छात्रावासों को अब ‘आदर्श छात्रावास’ के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। यहाँ छात्रों को वाई-फाई, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक रसोई और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। वर्तमान में छात्रावासों की ऑक्युपेंसी दर 90% से अधिक हो चुकी है, जिसे 100% करने का लक्ष्य है।

भवन निर्माण: अगले 3 वर्षों में सभी किराए के या पुराने छात्रावासों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इस वर्ष 80 से अधिक नए भवनों की स्वीकृति दी गई है।

छात्रवृत्ति: सरकार ने छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा की बाधाओं को सरल किया है। सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अब आय की कोई सीमा नहीं है। पिछले दो वर्षों में करीब 2224 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की जा चुकी है।

  1. वैश्विक और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समर्थन

विदेशी शिक्षा: विदेश में उच्च शिक्षा (Masters) के लिए चयनित छात्रों को प्रति वर्ष 50,000 अमेरिकी डॉलर तक की सहायता दी जा रही है। इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षा: सिविल सेवा की तैयारी के लिए संचालित 7 केंद्रों से पिछले दो वर्षों में 168 युवाओं का चयन विभिन्न पदों पर हुआ है। दिल्ली में रहकर तैयारी करने वाले छात्रों के लिए आवास क्षमता को 50 से बढ़ाकर 300 किया जा रहा है।

  1. आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार

युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाने के लिए कई योजनाएं प्रभावी हैं:

ऋण सुविधा: संत रविदास और डॉ. अंबेडकर स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से 10 हजार से 50 लाख रुपये तक का लोन ब्याज अनुदान के साथ दिया जा रहा है।

लक्ष्य: आगामी 3 वर्षों में 21 हजार से अधिक युवाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देने का लक्ष्य रखा गया है।

  1. आगामी नई योजनाएं और तकनीकी सुधार

मंत्री श्री चौहान ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए दो प्रमुख घोषणाएं कीं:

शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना: सेना, पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स में भर्ती होने के इच्छुक 3,000 युवाओं को हर साल विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

एकीकृत विभागीय पोर्टल: विभाग की सभी सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों को लाभ मिल सके।

  1. सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचा

आदर्श ग्राम: ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’ के तहत 2,229 गांवों का चयन कर वहां 500 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं।

सुरक्षा और प्रोत्साहन: अत्याचार निवारण के लिए 51 विशेष थाने सक्रिय हैं। वहीं, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

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