गोंडवाना काल की जल संरचनाएँ : रानी दुर्गावती के दूरदर्शी जल प्रबंधन की अनूठी विरासत

जबलपुर (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने जबलपुर प्रवास के दौरान गोंडवाना साम्राज्य की ऐतिहासिक धरोहर ‘वीर बावड़ी’ और ‘जल मंदिर’ का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्राचीन जल संरचनाएं केवल पत्थर और ईंटों का ढांचा नहीं हैं, बल्कि ये गोंडवाना वंश की समृद्ध परंपरा और उन्नत अभियांत्रिकी का जीवंत उदाहरण हैं।
ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा ने बावड़ी के जीर्णोद्धार (पुनरुद्धार) कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने रानी दुर्गावती के विजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक विरासतों को न केवल सहेजना है, बल्कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के महान कार्यों से परिचित कराना भी है। इस दौरान लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों और संरक्षण प्रयासों की जानकारी साझा की।
रानी दुर्गावती का प्रकृति प्रेम और जल प्रबंधन
रानी ताल और चेरी ताल के मध्य स्थित यह ‘वीर बावड़ी’ वीरांगना रानी दुर्गावती की लोक-कल्याणकारी नीतियों का प्रतीक है। निरीक्षण के दौरान यह रेखांकित किया गया कि:
अद्वितीय स्थापत्य: यह बावड़ी उस काल की उन्नत जल संरक्षण तकनीक का बेजोड़ नमूना है।
प्रकृति से जुड़ाव: रानी दुर्गावती ने उस समय जल की महत्ता को समझते हुए जिस दूरदर्शिता के साथ इन जलाशयों का निर्माण कराया, वह आज के समय में भी प्रासंगिक है।
सांस्कृतिक पहचान: यह परिसर गोंडवाना साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन संरचनाओं का संरक्षण पर्यावरण संतुलन और जल संवर्धन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराता है।
















