उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला : बारिश और बर्फबारी से लौटी ठिठुरन

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात और मैदानी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने तापमान में अचानक गिरावट ला दी है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है, जिसका प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा।
अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 18 से 20 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उससे सटे मैदानी राज्यों में मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान:
तेज रफ्तार हवाएं (आंधी) चलने की संभावना है।
कई स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) हो सकती है।
बीते 24 घंटों में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी ओले गिरने की खबरें मिली हैं।
बचाव अभियान: बर्फबारी के बीच सुरक्षित निकाले गए लोग
खराब मौसम के कारण पहाड़ी राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जहाँ सेना और प्रशासन मुस्तैद दिखे:
जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के कारण फंसे 235 नागरिकों और 38 वाहनों को भारतीय सेना (व्हाइट नाइट कोर) ने सुरक्षित निकाला। रेस्क्यू किए गए लोगों को भोजन और आश्रय प्रदान किया गया।
हिमाचल प्रदेश: मनाली-लेह मार्ग पर फंसे लगभग 10,000 पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को रोहतांग सुरंग के रास्ते सुरक्षित निकाला गया। भारी हिमपात की वजह से करीब 1,500 वाहन फंस गए थे।
उत्तराखंड: राज्य की ऊंची चोटियों जैसे पंचाचूली और मुनस्यारी के खलिया टॉप पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे निचले इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है।
भारी वर्षा का विवरण
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मानसून जैसी स्थिति देखी गई:
सिक्किम, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में 7 से 20 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई।
कोलकाता और मालदा में 50-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में भी छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा हुई है।
विशेष नोट: पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग की ताजा गाइडलाइंस देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
















