टॉप न्यूज़

पश्चिम एशिया संकट : भारतीय जहाजों के लिए खुला ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का रास्ता, जयशंकर की कूटनीति रंग लाई

नई दिल्ली (एजेंसी)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत सामने आई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई हालिया टेलीफोनिक वार्ता के बाद, ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों को ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) से सुरक्षित आवाजाही की विशेष अनुमति दे दी है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम फैसला

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील केंद्र माना जाता है। दुनिया के कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों और सप्लाई चेन को निर्बाध रखने के लिए ईरान के साथ उच्च स्तरीय संवाद किया, जिसके सकारात्मक परिणाम निकले हैं।

वैश्विक शक्तियों के साथ निरंतर संपर्क

भारत ने केवल ईरान ही नहीं, बल्कि इस संकट के समाधान के लिए अन्य प्रमुख वैश्विक खिलाड़ियों से भी संपर्क साधा है। जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावरोव और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो के साथ भी विस्तृत चर्चा की है। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को खुला रखना और युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान को कम करना है।

केवल भारत को मिली विशेष रियायत

ईरान का यह फैसला भारत की मजबूत विदेश नीति का प्रमाण है, क्योंकि वर्तमान में उसने अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों से जुड़े जहाजों पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं।

90% की गिरावट: तनाव के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में 90% तक की भारी कमी आई है।

फंसे हुए जहाज: कई देशों के टैंकर इस क्षेत्र में अटके हुए हैं।

भारत को छूट: इन प्रतिबंधों के बावजूद भारतीय झंडे वाले जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के गुजरने का आश्वासन मिला है।

यह कूटनीतिक सफलता ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें और आपूर्ति अस्थिर बनी हुई है। भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वह युद्ध की स्थिति में भी अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी पक्षों के साथ संतुलित संवाद बनाए रखने में सक्षम है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button