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पश्चिम एशिया संकट : अमेरिका ने रूस को दी दखल न देने की कड़ी चेतावनी

वॉशिंगटन (एजेंसी)। पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट के बीच, संयुक्त राज्य अमेरिका ने रूस को ईरान के साथ किसी भी प्रकार के सैन्य गठबंधन या हस्तक्षेप के खिलाफ सख्त आगाह किया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई उच्च-स्तरीय टेलीफोनिक वार्ता का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि रूस को इस क्षेत्र में अमेरिका या इजरायल के हितों के विरुद्ध खड़े होने से बचना चाहिए।

पेंटागन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत काफी “स्पष्ट और प्रभावी” रही। इस चर्चा का मुख्य केंद्र न केवल यूक्रेन युद्ध था, बल्कि ईरान को लेकर बढ़ता तनाव भी था। अमेरिका का रुख साफ है: वह नहीं चाहता कि रूस की भागीदारी इस क्षेत्रीय विवाद को एक वैश्विक संघर्ष में तब्दील कर दे।

कूटनीति बनाम सैन्य रणनीति: ट्रंप-पुतिन वार्ता

रूसी राष्ट्रपति के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, 9 मार्च को हुई इस बातचीत में ईरान के आसपास की अस्थिरता पर गहराई से चर्चा की गई। जहाँ एक ओर पुतिन ने संकट के समाधान के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक रास्तों पर जोर दिया, वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल की सुरक्षा और अमेरिकी सैन्य विकल्पों को लेकर अपना कड़ा रुख दोहराया।

ईरान के नए नेतृत्व को परमाणु चेतावनी

अमेरिका ने न केवल रूस, बल्कि ईरान के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को भी सीधे तौर पर चेतावनी दी है। रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि ईरान द्वारा परमाणु हथियार विकसित करने का कोई भी प्रयास क्षेत्र को विनाशकारी स्थिति में धकेल सकता है। अमेरिका ने पुष्टि की है कि वह ईरान की परमाणु गतिविधियों की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहा है।

मिनाब स्कूल त्रासदी की जाँच का आश्वासन

ईरान के मिनाब शहर में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए मिसाइल हमले, जिसमें कथित तौर पर 168 बच्चों की जान चली गई, पर अमेरिका ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हेगसेथ ने कहा कि इस घटना की गहन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियानों का उद्देश्य कभी भी नागरिक नहीं होते और हर स्ट्राइक की कठोरता से जाँच की जाती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा घेरा बढ़ाने की तैयारी

वैश्विक व्यापार के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव को देखते हुए, पेंटागन अब जहाजों की सुरक्षा के लिए एक नई रणनीति तैयार कर रहा है।

जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के अनुसार:

व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए विशेष एस्कॉर्ट मिशन शुरू किए जा सकते हैं।

क्षेत्र में लड़ाकू विमानों, लंबी दूरी के बमवर्षकों और मिसाइल प्रणालियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।

अमेरिका ने संकेत दिया है कि जब तक उसके रणनीतिक लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, सैन्य सक्रियता जारी रहेगी।

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