बस्तर के सुदूर अंचलों तक पहुँचेगी विकास की बयार : वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन के अनुरूप, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मर्दापाल क्षेत्र के मड़ागांव में ₹8 करोड़ 63 लाख 78 हजार की लागत वाले विभिन्न सड़क और पुल निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी।
इन प्रमुख परियोजनाओं की हुई शुरुआत
इस विकास पैकेज के तहत क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई अहम कार्य किए जा रहे हैं:
सड़क संपर्क: खोड़सानार से नवागांव (2.30 किमी) और तोड़म मुख्य मार्ग से मुंडापारा (2.65 किमी) तक डामरीकृत सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
पुल और पुलिया: बांसगांव-जोगियालवाड़ मार्ग के फोटकी नाला पर एक मध्यम पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा, मर्दापाल-बयानार मार्ग (नवागांव से एहरा) पर पुलिया व एप्रोच रोड और आदनार क्षेत्र में तीन नई पुलियों का निर्माण होगा।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर मानसून के दिनों में होने वाली जलभराव और संपर्क टूटने की पुरानी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
‘अंतिम छोर का व्यक्ति’ विकास के केंद्र में
शिलान्यास समारोह के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय विकास की कड़ियों को अंतिम छोर के गाँवों तक जोड़ना है। सुदूर वनांचलों में सड़कों और पुलों का जाल बिछाया जा रहा है ताकि कोई भी नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने रेखांकित किया कि बेहतर सड़कें न केवल सफर आसान बनाती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा होती हैं। इससे किसानों को मंडियों तक पहुँचने में आसानी होगी, बच्चों के लिए स्कूल-कॉलेज की राह सुगम होगी और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाया जा सकेगा।
बस्तर का कायाकल्प सरकार का मुख्य संकल्प
श्री कश्यप ने दोहराया कि बस्तर संभाग की उन्नति शासन की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन नए निर्माण कार्यों से मर्दापाल क्षेत्र की प्रगति को नई रफ़्तार मिलेगी।
इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य यशोदा कश्यप सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
















