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सपनों का सौदागर मिलने से पहले जब ‘हॉरर’ बन गई थी हेमा मालिनी की जिंदगी

मुंबई (एजेंसी)। बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी आज सफलता के उस मुकाम पर हैं जहाँ पहुँचने का सपना हर कलाकार देखता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने करियर के शुरुआती दौर में, मुंबई के एक आलीशान बंगले में उन्हें ऐसी खौफनाक रातों का सामना करना पड़ा था जिसने उन्हें अपना घर बदलने पर मजबूर कर दिया?

वह बंगला जहाँ ‘सांस लेना’ भी दूभर था

राम कमल मुखर्जी की किताब ‘हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल’ में अभिनेत्री ने अपने पुराने दिनों का एक ऐसा किस्सा साझा किया है जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ की शूटिंग के दौरान हेमा बांद्रा के एक बंगले में रहा करती थीं।

हेमा बताती हैं कि वह घर दिखने में तो खूबसूरत था, लेकिन वहाँ की ऊर्जा बहुत नकारात्मक थी। उनके अनुसार:

अदृश्य साया: हर रात उन्हें ऐसा महसूस होता था जैसे कोई अदृश्य शक्ति उनका गला दबा रही हो।

दम घुटना: उन्हें सांस लेने में भारी दिक्कत होती थी और वह बेचैन होकर जाग जाती थीं।

रोज की परेशानी: शुरुआत में उन्होंने इसे वहम समझा, लेकिन जब यह घटना रोज होने लगी, तो उनकी माँ भी चिंतित हो गईं। इसी डर की वजह से उन्होंने जल्द से जल्द उस घर को छोड़ने का फैसला किया।

समुद्र किनारे का घर ठुकराकर चुना ‘जुहू’ का बंगला

किस्सा केवल भूतों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि हेमा के अपने घर के प्रति प्रेम से भी जुड़ा है। उनके पिता ने उनके लिए दक्षिण मुंबई (वालकेश्वर) में एक आलीशान सी-फेसिंग अपार्टमेंट खरीदा था। लेकिन चेन्नई की हरियाली में पली-बढ़ी हेमा को शहर की भीड़भाड़ और ऊंची इमारतें पसंद नहीं आईं।

उन्होंने अपने पिता से साफ़ कह दिया कि उन्हें अपार्टमेंट के बजाय एक ऐसा बंगला चाहिए जहाँ बहुत सारे पेड़-पौधे हों। आखिरकार, 1972 में उन्होंने जुहू में अपना वह बंगला खरीदा जिसे वह हमेशा से चाहती थीं।

धर्मेंद्र और उन यादों का सफर

मजे की बात यह है कि उसी दौरान धर्मेंद्र अक्सर उनके घर कॉफी पर आया करते थे। हेमा बताती हैं कि उस वक्त उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस शख्स के साथ वह सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ते में हैं, एक दिन उन्हीं से उनका निकाह होगा। साल 1980 में दोनों शादी के बंधन में बंधे।

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