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किश्तवाड़ : घने जंगलों में आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम, भारी मात्रा में रसद बरामद

जम्मू (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा इलाके में चल रहे ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों के एक गुप्त ठिकाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। यह अभियान पिछले तीन दिनों से जारी है, जिसमें रविवार को हुई मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जांबाज पैराट्रूपर शहीद हो गया था, जबकि सात अन्य जवान घायल हुए थे।

सर्दियों के लिए जुटाया था भारी राशन

सुरक्षा बलों को 12,000 फीट की ऊंचाई पर मिले इस ठिकाने से हैरान कर देने वाली सामग्रियां मिली हैं। बरामद सामान से स्पष्ट होता है कि आतंकी सर्दियों के दौरान लंबे समय तक वहां रुकने की योजना बना रहे थे।

बरामदगी की सूची:

खाद्य सामग्री: 20 किलो बासमती चावल, मैगी के 50 पैकेट, अनाज और 15 तरह के अलग-अलग मसाले।

ताजा सब्जियां: आलू और टमाटर जैसी ताजी सब्जियां।

ईंधन और बर्तन: खाना पकाने के लिए गैस सिलेंडर, सूखी लकड़ी और बर्तनों का पूरा सेट।

अन्य: भारी मात्रा में कंबल और सर्दियों के कपड़े।

अधिकारियों के अनुसार, यह रसद कम से कम चार लोगों के लिए पूरे सर्दियों के सीजन तक जीवित रहने के लिए पर्याप्त थी।

मददगारों पर शिकंजा, तलाशी अभियान तेज

आतंकियों को राशन और अन्य सुविधाएं पहुंचाने वाले ‘ओजीडब्ल्यू’ (Over Ground Workers) की पहचान करने के लिए पुलिस ने सोमवार को कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने जानकारी दी है कि घेराबंदी और सख्त कर दी गई है। माना जा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 2-3 आतंकवादी अब भी आसपास के घने जंगलों में छिपे हुए हैं।

ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तुती और सीआरपीएफ के आईजी आर. गोपाल कृष्ण राव खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह को दी गई अंतिम विदाई

इस ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए विशेष बल (Special Forces) के कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को जम्मू के सतवारी में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। व्हाइट नाइट कोर के अधिकारियों ने उनके बलिदान को नमन किया, जिसके बाद शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक राज्य उत्तराखंड भेज दिया गया।

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