‘बॉर्डर 2’ मूवी रिव्यू : देशभक्ति का जबरदस्त जोश और सनी देओल का वही पुराना अंदाज़

मुंबई (एजेंसी)। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार ‘बॉर्डर 2’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। 1997 की कल्ट क्लासिक फिल्म के इस सीक्वल को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह था, और शुरुआती रुझानों की मानें तो फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती दिख रही है। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म को 4.5 स्टार्स की रेटिंग देते हुए इसे एक मस्ट-वॉच फिल्म बताया है।
कहानी और निर्देशन: एक बेहतरीन संतुलन
निर्देशक अनुराग सिंह ने फिल्म में युद्ध के मैदान और भावनाओं के बीच एक शानदार तालमेल बिठाया है। फिल्म के मुख्य आकर्षण इसके वॉर सीक्वेंसेस हैं, जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हैं, बल्कि किरदारों के साथ दर्शक का एक इमोशनल जुड़ाव भी पैदा करते हैं।
डायलॉग और संगीत: रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके संवाद (Dialogues) हैं। तीखे, प्रभावशाली और देशभक्ति से ओत-प्रोत पंचलाइन्स दर्शकों को तालियां और सीटियां बजाने पर मजबूर कर रही हैं।
संगीत: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और गाने कहानी को गहराई देते हैं। विशेष रूप से ‘संदेशे आते हैं’ जैसे पुराने क्लासिक्स का नया वर्जन दर्शकों को भावुक कर रहा है।
कलाकारों का प्रदर्शन: सनी की दहाड़ और वरुण का धमाका
फिल्म की स्टार कास्ट ने अपने अभिनय से जान फूंक दी है:
सनी देओल: एक बार फिर अपनी दमदार आवाज़ और स्क्रीन प्रेजेंस से सनी पाजी ने साबित कर दिया कि बॉर्डर की विरासत उनके बिना अधूरी है। उनकी दहाड़ आज भी थिएटर्स में गूंज रही है।
वरुण धवन: वरुण इस फिल्म के सबसे बड़े सरप्राइज पैकेज साबित हुए हैं। उन्होंने अपने इंटेंस रोल के साथ पूरा न्याय किया है।
दिलजीत दोसांझ: दिलजीत ने अपनी सहज कॉमिक टाइमिंग और सीरियस मोमेंट्स के बीच एक बेहतरीन बैलेंस बनाया है।
अहान शेट्टी: अहान के अभिनय में काफी परिपक्वता और आत्मविश्वास देखने को मिला है।
‘बॉर्डर 2’ केवल एक वॉर फिल्म नहीं है, बल्कि भारतीय जवानों के साहस को दिया गया एक ट्रिब्यूट है। भूषण कुमार और जेपी दत्ता द्वारा निर्मित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाने की क्षमता रखती है।
निष्कर्ष: अगर आप देशभक्ति और हाई-वोल्टेज ड्रामा के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए ही बनी है।
















