‘महतारी गौरव वर्ष’ में मातृशक्ति को समर्पित ऐतिहासिक बजट : लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट प्रदेश की मातृशक्ति के लिए नई आशाएं लेकर आया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ‘महतारी गौरव वर्ष’ के संकल्प को धरातल पर उतारने वाला एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट केवल वित्तीय आवंटन नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता का रोडमैप है।
बजट की मुख्य विशेषताओं और मंत्री राजवाड़े के वक्तव्य के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक स्वावलंबन: लखपति दीदी भ्रमण योजना
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उद्देश्य: स्व-सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को देश के सफल बिजनेस मॉडल्स का अध्ययन और प्रशिक्षण दिलाना।
प्रभाव: इससे महिला उद्यमियों के कौशल में सुधार होगा और वे नए आजीविका विकल्पों से जुड़ सकेंगी।
- सामाजिक संरचना: ‘महतारी सदन’ की स्थापना
महिलाओं को एक सुरक्षित और संवादपरक वातावरण देने के लिए राज्य में 250 महतारी सदनों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
ये सदन प्रशिक्षण, परामर्श और आपसी सहयोग के केंद्र बनेंगे।
ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों के लिए एक सशक्त मंच मिलेगा।
- भविष्य की नींव: रानी दुर्गावती योजना
बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है।
प्रावधान: योजना के तहत पात्र बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर 1.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह राशि उनके उच्च शिक्षा और करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।
- स्वास्थ्य एवं पोषण: आंगनबाड़ी विस्तार
प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ जंग को तेज करते हुए 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का निर्णय लिया गया है।
इसके लिए 42 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
इससे गर्भवती महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य एवं प्राथमिक शिक्षा की सुविधाएं मिल सकेंगी।
“यह बजट प्रदेश की माताओं और बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। ‘महतारी गौरव वर्ष’ के माध्यम से हम न केवल उत्सव मना रहे हैं, बल्कि महिलाओं को सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित कर रहे हैं।”
— लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग
श्रीमती राजवाड़े ने अंत में विश्वास जताया कि इन योजनाओं से छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
















