बेटियों का सशक्त भविष्य : मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 240 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

जशपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बेटियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने शिरकत की, जहाँ 240 नवविवाहित जोड़ों को उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए आशीर्वाद दिया गया।
सामाजिक समरसता और भव्य आयोजन
यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल एक प्रशासनिक पहल थी, बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक रीति-रिवाजों का अनूठा संगम भी रहा। गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी जोड़ों का विवाह विधिवत संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मंडप जाकर नवदंपतियों से मुलाकात की और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
आर्थिक बोझ से मुक्ति: योजना की मुख्य विशेषताएं
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह योजना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा है। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
वित्तीय सहायता: प्रत्येक जोड़े को कुल 50,000 रुपये की सहायता दी जाती है।
सीधी मदद: इसमें से 35,000 रुपये का चेक सीधे हितग्राही को सौंपा जाता है।
सामग्री और व्यवस्था: लगभग 7,000 रुपये की वैवाहिक सामग्री और 8,000 रुपये आयोजन के प्रबंधन पर खर्च किए जाते हैं।
“हमारी सरकार का उद्देश्य बेटियों के विवाह को लेकर माता-पिता की चिंता को दूर करना है। सामूहिक विवाह फिजूलखर्ची को रोकता है और समाज में सद्भाव को बढ़ावा देता है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
प्रमुख उपस्थिति और प्रमाण पत्र वितरण
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने जोड़ों को 35,000 रुपये के चेक और विवाह प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर क्षेत्र के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:
श्री रामप्रताप सिंह (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल)
श्री सालिक साय (अध्यक्ष, जिला पंचायत)
जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जैसे कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी लाल उमेद सिंह।
यह आयोजन शासन की संवेदनशीलता और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के संकल्प का जीवंत उदाहरण बना। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के कल्याण और उनके सम्मान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
















