वैश्विक ऊर्जा संकट : होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से तेल भंडारों में भारी गिरावट, आसमान छू सकती हैं कीमतें

वाशिंगटन (एजेंसी)। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमनध्य (Hormuz Strait) के पिछले 10 हफ़्तों से ठप्प होने के कारण दुनिया पर एक बड़ा ऊर्जा संकट मंडराने लगा है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने एक हालिया रिपोर्ट जारी कर आगाह किया है कि इस मार्ग के अवरुद्ध होने से वैश्विक तेल भंडारों में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखी जा रही है, जो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर ले जा सकती है।
आपूर्ति में 39 लाख बैरल की बड़ी कटौती का अनुमान
IEA के विश्लेषण के अनुसार, यदि खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल और गैस की सप्लाई इसी तरह बाधित रही, तो साल 2026 तक वैश्विक तेल आपूर्ति में रोजाना 39 लाख बैरल (3.9 मिलियन BPD) की भारी कमी आ सकती है। हालांकि वैश्विक मंदी की वजह से ईंधन की मांग में थोड़ी सुस्ती आने की उम्मीद है, लेकिन एजेंसी का कहना है कि यह गिरावट आपूर्ति के इस बड़े घाटे को पाटने में नाकाम रहेगी।
इस संकट की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:
मार्च: वैश्विक भंडारों में 12.9 करोड़ (129 मिलियन) बैरल की कमी आई।
अप्रैल: सिर्फ एक महीने में रिकॉर्ड 11.7 करोड़ (117 मिलियन) बैरल तेल कम हो गया।
आपातकालीन भंडारों का सहारा और एयरलाइंस की चिंता
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच गहराते टकराव के बीच, दुनिया के तमाम देशों ने स्थिति संभालने के लिए अपने कमर्शियल और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserves) को तेजी से खाली करना शुरू कर दिया है।
राहत की कोशिशें: संकट से निपटने के लिए IEA के सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन कोटे से 40 करोड़ (400 मिलियन) बैरल तेल बाजार में उतारने का फैसला किया है, जिसमें से करीब 16.4 करोड़ बैरल जारी भी किया जा चुका है।
इसके बावजूद स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। यह संकट ऐसे समय पर आया है जब गर्मियों का पीक ट्रैवल सीजन शुरू होने वाला है। इसके चलते विमानन कंपनियां (Airlines) अभी से जेट ईंधन (Jet Fuel) की किल्लत को लेकर भारी चिंता में हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि यह गतिरोध जितना लंबा खिंचेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों में उतनी ही अस्थिरता बढ़ेगी।
















