शांति और प्रगति का संगम : मुख्यमंत्री साय ने महावीर जन्मोत्सव पर ‘जैन रत्नों’ को किया सम्मानित

रायपुर। राजधानी रायपुर के एमजी रोड स्थित दादाबाड़ी तीर्थ में भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने जिनमंदिर में मत्था टेककर प्रदेश की जनता की खुशहाली और शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री ने समाज सेवा, शिक्षा और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को ‘जैन रत्न अलंकरण’ से नवाजा। उन्होंने कहा कि समाज के कर्मठ लोगों का सम्मान दूसरों को भी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता है।
प्रमुख संबोधन के मुख्य अंश:
महावीर का मार्ग: मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में सद्भाव और आत्मसंयम की स्थापना की जा सकती है।
नक्सलवाद पर निर्णायक जीत: श्री साय ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक सुखद संयोग है कि महावीर जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की समाप्ति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति की सराहना करते हुए कहा कि हिंसा का दौर अब समाप्त हो रहा है और बस्तर में विकास की नई सुबह हो रही है।
सुशासन और गारंटी: राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और रामलला दर्शन जैसी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभ पहुँचाया गया है।
“जैन समाज द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया जा रहा सेवा कार्य पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। हमारी सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाना है।” — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
इस कार्यक्रम में विधायक राजेश मूणत सहित महोत्सव समिति के पदाधिकारी और जैन समाज के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
















