डॉक्टरों ने बचाई 3 साल की बच्ची की जान, आहार नली में फंसे सिक्के को एंडोस्कोपी से निकाला

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला अस्पताल में डॉक्टरों की सूझबूझ और फुर्ती से एक बड़ा हादसा टल गया। अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने एक 3 वर्षीय मासूम के गले में फंसे सिक्के को सफल ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मुंगेली विकासखंड के ग्राम कोसमतरा की रहने वाली हिमांशी साहू (03 वर्ष) खेलते समय गलती से एक सिक्का निगल गई थी। सिक्का बच्ची की आहार नली (Food Pipe) में जाकर फंस गया, जिससे उसकी स्थिति गंभीर होने लगी। घबराए हुए परिजनों ने बिना देरी किए उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
त्वरित जांच और उपचार
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने सबसे पहले बच्ची का एक्स-रे कराया, जिसमें सिक्के की स्थिति स्पष्ट हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा और सिविल सर्जन डॉ. एम.के. राय के मार्गदर्शन में तुरंत एक मेडिकल टीम गठित की गई।
विशेषज्ञ टीम: इस जटिल प्रक्रिया में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कमलेश सत्यपाल, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार बेलदार और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु ध्रुव शामिल रहे।
आधुनिक तकनीक का उपयोग: डॉक्टरों ने पारंपरिक सर्जरी के बजाय एंडोस्कोपिक (दूरबीन) तकनीक का चुनाव किया। इस आधुनिक पद्धति की मदद से बिना किसी बड़े चीर-फाड़ के सिक्के को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया।
“समय पर इलाज मिलने के कारण बच्ची अब खतरे से बाहर है और पूरी तरह स्वस्थ है। हमारी टीम की तत्परता ने एक मासूम की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।”
— डॉ. एम.के. राय, सिविल सर्जन
परिजनों ने जताया आभार
ऑपरेशन सफल होने के बाद बच्ची के माता-पिता ने राहत की सांस ली है। उन्होंने जिला अस्पताल के डॉक्टरों और प्रबंधन की कार्यशैली की सराहना करते हुए उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। अस्पताल प्रशासन ने भी लोगों को सलाह दी है कि छोटे बच्चों के आसपास ऐसी चीजें न रखें जिन्हें वे आसानी से निगल सकें।
















