बस्तर में सुरक्षाबलों की दोतरफा कार्रवाई : नक्सलियों के गोपनीय ठिकाने तबाह, भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार जब्त

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक और महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। कांकेर और नारायणपुर जिलों की सीमाओं से सटे संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में चलाए गए दो अलग-अलग ऑपरेशनों में संयुक्त बल ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों, भारी मात्रा में विस्फोटकों और रोजमर्रा के सामान के जखीरे (डंप) को ढूंढ निकाला और उसे नष्ट कर दिया। इस साझा कार्रवाई में जिला पुलिस, डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) और बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड) की टीमें शामिल थीं।
लगातार दो दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन
सुरक्षाबलों की इस संयुक्त टीम को खुफिया इनपुट्स के आधार पर दो अलग-अलग तारीखों में बड़ी सफलताएं मिलीं:
22 मई 2026 (पहला ठिकाना): कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के तहत आने वाले पल्लाहूर और जपमरका गांवों के बीच पड़ने वाले पहाड़ी और घने जंगलों में पहली कार्रवाई की गई। यहां सर्चिंग के दौरान जवानों को नक्सलियों का एक गुप्त डंप मिला, जिसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
23 मई 2026 (दूसरा ठिकाना): इसके ठीक अगले दिन छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के मरकाबेड़ा, आदनार और एलूर के मध्य जंगली रास्तों में तलाशी अभियान चलाया गया। यहां भी जवानों ने नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करते हुए भारी मात्रा में ब्लास्टिंग और आईईडी बनाने की सामग्री बरामद की।
भारी मात्रा में युद्धक सामग्री बरामद
नक्सलियों के इन ठिकानों से सुरक्षाबलों ने जो सामान बरामद किया है, उसमें बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) लॉन्चर, लगभग 1000 जिंदा डेटोनेटर, हथियार और भारी मात्रा में अन्य घातक बारूदी सामग्रियां शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन ऑपरेशनों से नक्सली नेटवर्क और उनकी हिंसक गतिविधियों को गहरा झटका लगा है। बस्तर संभाग के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबलों का यह सघन तलाशी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
















