छत्तीसगढ़ में सूरज के तीखे तेवर : नौतपा से पहले 45 पार पहुंचा पारा, 25 मई से और बढ़ेगी तपिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ इस समय भीषण हीटवेव (लू) और चिलचिलाती गर्मी की चपेट में है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते गुरुवार को राजधानी रायपुर का माना क्षेत्र 45 डिग्री सेल्सियस पर उबल रहा था, जबकि धमतरी जिला 45.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया। पिछले महज पांच दिनों के भीतर ही रायपुर के तापमान में 5 डिग्री तक का भारी उछाल आया है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में राज्य के औसत तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रमुख जिलों में तापमान की स्थिति
गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज किया गया अधिकतम तापमान कुछ इस प्रकार रहा:
धमतरी: 45.8°C
बेमेतरा: 45.4°C
बालोद / कवर्धा: 44.7°C
बिलासपुर: 44.6°C
रायपुर: 44.0°C
अंबिकापुर / पेंड्रा रोड: 42.0°C
दुर्ग / राजनांदगांव: 41.0°C
चक्रवाती सिस्टम और नौतपा का डबल अटैक
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के वायुमंडल में एक चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। इस सिस्टम की वजह से छत्तीसगढ़ में आने वाली ठंडी और नम हवाएं रुक गई हैं। सूखी और गर्म हवाओं के कारण ही नौतपा से पहले ही पूरा प्रदेश तपने लगा है।
25 मई से पारंपरिक ‘नौतपा’ का दौर शुरू हो रहा है जो 2 जून तक चलेगा। इस दौरान तापमान के 47 से 48 डिग्री सेल्सियस या उससे भी ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि स्थानीय प्रभावों के कारण बीच-बीच में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग का अलर्ट और डॉक्टरों की सलाह
अत्यधिक गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
विशेष सावधानी: इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
बढ़ते मरीजों की संभावना को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को ‘अलर्ट मोड’ पर रखा गया है और आपातकालीन दवाओं व ओआरएस (ORS) के पर्याप्त इंतजाम रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राहत की खबर: इस बार वक्त से पहले आएगा मानसून
भीषण गर्मी के बीच एक राहत भरी खबर भी है। इस साल देश में मानसून अपनी सामान्य तारीख (1 जून) से पहले, यानी 26 मई को ही केरल के तट पर दस्तक दे सकता है। छत्तीसगढ़ की बात करें तो 13 जून तक बस्तर के जगदलपुर के रास्ते मानसून की एंट्री होने की उम्मीद है, जिसके दो से तीन दिनों बाद यह राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश को सराबोर कर देगा।
















