भीषण गर्मी के कारण आंगनबाड़ियों के समय में कटौती, बच्चों की सुरक्षा के लिए विभाग मुस्तैद

रायपुर। राज्य में बढ़ते तापमान और लू (Heatwave) के प्रकोप को देखते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भीषण गर्मी से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश की सभी आंगनबाड़ियों के संचालन समय में अस्थाई रूप से बदलाव किया गया है। अब ये केंद्र 6 घंटे के स्थान पर प्रतिदिन केवल 4 घंटे ही खुलेंगे।
नया समय और महत्वपूर्ण तिथियां
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, समय सारिणी को दो चरणों में लागू किया गया है:
1 अप्रैल से 30 जून तक: आंगनबाड़ी केंद्रों का कुल संचालन समय सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा।
विशेष सुरक्षा अवधि (23 अप्रैल से 30 जून): बच्चों की उपस्थिति का समय और भी कम करते हुए सुबह 7:00 से 9:00 बजे तक सीमित कर दिया गया है। 9:00 बजे के बाद बच्चों को लू से बचाने के लिए सुरक्षित घर पहुँचाना अनिवार्य होगा।
सामान्य स्थिति: मानसून की दस्तक के बाद, यानी 1 जुलाई से केंद्र पुनः अपने नियमित समय (प्रातः 9:30 से दोपहर 3:30 बजे) पर लौट आएंगे।
पोषण और शिक्षा पर निरंतरता
समय कम होने के बावजूद, विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। इस संक्षिप्त अवधि के दौरान भी:
ECCE गतिविधियां: बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा सुचारू रूप से चलेगी।
पोषण आहार: पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और गृह भेंट
सुबह 11:00 बजे तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं केंद्र में उपस्थित रहकर अपने पंजियों का संधारण और अन्य प्रशासनिक कार्य निपटाएंगी। इसके पश्चात, वे ‘गृह भेंट’ (Home Visit) के माध्यम से माताओं से संपर्क करेंगी और उन्हें बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का कार्य प्रभावी ढंग से जारी रखेंगी।
प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा
बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए जिला अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि बच्चों को घर पहुँचाने या स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय की जाएगी। जिला स्तर पर इन व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो सके।
















