विश्वासघात कर 50 लाख उड़ाने वाला ड्राइवर गिरोह समेत गिरफ्तार, नगदी और कार बरामद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी और उसके छह साथियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चोरी की गई रकम का बड़ा हिस्सा बरामद करने में सफलता हासिल की है।
घटना का विवरण और साजिश
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़ित पक्ष का ड्राइवर कृष्णा साहू ही था। उसने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मिलकर इस बड़ी लूट की योजना पहले से ही तैयार कर ली थी।
धोखाधड़ी का तरीका: घटना वाले दिन कंपनी की भारी-भरकम राशि बैंक में जमा करने के लिए ले जाई जा रही थी। बैंक बंद होने के कारण जब गाड़ी वापस लौट रही थी, तब कृष्णा ने चालाकी दिखाई।
मौका पाकर फरार: उसने साथ में मौजूद अकाउंटेंट को ‘गुटखा’ लेने के बहाने गाड़ी से नीचे उतारा और जैसे ही उसे मौका मिला, वह 50 लाख रुपये से भरी कार लेकर रफूचक्कर हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
शिकायत मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस ने तत्परता दिखाई। तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मुखबिरों से मिली सटीक जानकारी के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी की गई। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने चोरी की रकम अपने रिश्तेदारों में बांट दी थी।
पुलिस ने निम्नलिखित संपत्तियां जब्त की हैं:
नगद राशि: ₹49,50,000 (उनचास लाख पचास हजार रुपये)।
वाहन: वारदात में इस्तेमाल हुई हुंडई वर्ना और एक नई एमजी विंडसर कार।
कुल मूल्यांकन: जब्त किए गए सामान और कैश की कुल कीमत लगभग ₹66.50 लाख आंकी गई है।
पुलिस ने कृष्णा साहू समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस मामले के अन्य संभावित पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
















