भद्रकाली में ‘ सुशासन तिहार ‘: प्रशासन पहुँचा जनता के द्वार, मौके पर हुआ शिकायतों का निपटारा

बीजापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भद्रकाली में एक भव्य जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस ‘सुशासन तिहार’ में आस-पास के गांवों जैसे कोत्तूर, बामनपुर, चंदूर और अर्जुनल्ली से भारी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुँचे।
एकीकृत समाधान: एक ही स्थान पर 24 विभागों की मौजूदगी
इस शिविर की मुख्य उपलब्धि यह रही कि यहाँ 24 विभिन्न सरकारी विभागों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों को न केवल जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, बल्कि मौके पर ही पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया। कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे ने स्टॉलों का सघन निरीक्षण किया और अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
डिजिटल कनेक्टिविटी और सामाजिक सुधार पर जोर
ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि अब लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा बैंक खाते में (DBT) प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड और बैंक खाते के जुड़ाव के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने श्रमिकों से सिलाई मशीन, छात्रवृत्ति और बीमा जैसी सुविधाओं का लाभ लेने हेतु श्रमिक कार्ड बनवाने का आग्रह किया।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल करते हुए कलेक्टर ने पूरे जनसमूह को ‘बाल विवाह मुक्त बीजापुर’ की शपथ भी दिलाई।
विकास और सुरक्षा: नक्सलवाद पर प्रहार
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजापुर अब नक्सलवाद के साये से बाहर निकलकर विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ग्रामीणों से पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की।
शिविर की मुख्य उपलब्धियां:
शिविर के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुँचाया गया:
स्वास्थ्य: सैकड़ों ग्रामीणों की निःशुल्क जाँच की गई और दवाइयां वितरित की गईं।
महिला एवं बाल विकास: गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों के लिए अन्नप्राशन संस्कार संपन्न हुए।
उपकरण वितरण: समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर और वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई।
दस्तावेज और आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ के साथ-साथ वनाधिकार पत्र और जाति प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया।
मत्स्य पालन: मछुआरों को मछली भंडारण हेतु आईस बॉक्स दिए गए।
इस शिविर ने यह सिद्ध कर दिया कि जब प्रशासन स्वयं जनता के द्वार पहुँचता है, तो न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि सरकार और नागरिकों के बीच का विश्वास भी मजबूत होता है।
















