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12वीं बोर्ड पेपर लीक : मुख्य आरोपी एनएसयूआई नेता वेणु जंघेल पुलिस की गिरफ्त में

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र लीक मामले में रायपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले के मास्टरमाइंड और एनएसयूआई (NSUI) नेता वेणु जंघेल को बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित था।

घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई

13 मार्च 2026 की रात को टेलीग्राम के माध्यम से हिंदी का प्रश्नपत्र सार्वजनिक हो गया था। अगले दिन परीक्षा होने के बाद जब लीक की पुष्टि हुई, तो प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से पुलिस उस तक पहुँचने में कामयाब रही।

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि यह महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया अपराध था। जांच के दौरान कुछ मुख्य बातें उभरकर आईं:

डिलीट डेटा रिकवर: आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से मोबाइल चैट और डिजिटल रिकॉर्ड मिटा दिए थे, जिन्हें साइबर सेल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा हासिल किया।

पैसों का खेल: आरोपी वेणु जंघेल, जो मूलतः बेमेतरा का निवासी है, छात्रों से एक पेपर के बदले 3,000 रुपये वसूल रहा था।

नेटवर्क का जाल: आरोपी रायपुर के गोकुल नगर में रहकर अपना नेटवर्क चला रहा था और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों के सीधे संपर्क में था।

पुलिस का बयान: “हमने 50 से अधिक संदिग्धों और छात्रों से पूछताछ की है। तकनीकी इनपुट और मैदानी सूत्रों के तालमेल से मुख्य आरोपी को पकड़ा गया है। डेटा रिकवरी से इस रैकेट में शामिल अन्य कड़ियों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।”

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य विषयों के प्रश्नपत्रों से भी जुड़े थे। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है।

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