साहस और सेवा का सम्मान : मध्य प्रदेश पुलिस के 101 जांबाज अधिकारियों को मिला ‘रुस्तमजी पुरस्कार’

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और वीरता की सराहना करते हुए विभाग के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सोमवार को रवींद्र भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में, मुख्यमंत्री ने वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिए कुल 101 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ‘के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार’ से सम्मानित किया।
पुलिस कल्याण के लिए बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए पुरस्कार राशि में वृद्धि और सुविधाओं के विस्तार का ऐलान किया:
इनाम राशि में बढ़ोतरी: डीजी (महानिदेशक) स्तर पर दिए जाने वाले पुरस्कार की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है।
नियमित पुरस्कार वितरण: अब से ये पुरस्कार हर साल दिए जाएंगे ताकि वितरण में कोई विलंब न हो।
आवास सुविधा: पुलिसकर्मियों को उनके संबंधित जिलों में आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड और स्थानीय प्राधिकरणों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी: साल 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूरी होते ही अगले चरण की भर्तियां शुरू कर दी जाएंगी। साथ ही, जिला बल में पुलिस बैंड की भर्ती भी शुरू की गई है।
नक्सलवाद और अपराध पर प्रहार
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश ने निर्धारित समय सीमा से पहले ही नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने आधुनिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा:
“आज अपराध का स्वरूप बदल रहा है। सॉफ्टवेयर और तकनीक के जरिए होने वाले साइबर क्राइम से निपटने के लिए हमारी पुलिस खुद को तकनीकी रूप से सक्षम बना रही है। मुझे विश्वास है कि एमपी पुलिस इस चुनौती पर भी विजय पाएगी।”
विजेताओं को मिला सम्मान
समारोह में दस्यु उन्मूलन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वीरों को तीन श्रेणियों में सम्मानित किया गया:
परम विशिष्ट श्रेणी: 5 लाख रुपये या रिवॉल्वर/गन।
अति विशिष्ट श्रेणी: 2 लाख रुपये या रिवॉल्वर/गन।
विशिष्ट श्रेणी: 50 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र।
भविष्य की चुनौतियां और लक्ष्य
पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस आगामी सिंहस्थ-2028 के लिए अभी से तैयारी कर रही है। साथ ही, राज्य को अगले 3 वर्षों में पूरी तरह से नशामुक्त (नारकोटिक्स फ्री) बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे अभियानों को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।
101 पुलिसकर्मी सम्मानित।
के.एफ. रुस्तमजी को पुलिस बल का प्रेरणा पुंज बताया गया।
साइबर अपराध से लड़ने के लिए ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत।
पुलिस विभाग में नवाचारों के लिए सरकार का पूर्ण सहयोग।
















