छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय गौरव- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के उत्कृष्ट रखरखाव में प्रदेश को मिला दूसरा स्थान

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश के सीहोर में आयोजित ‘रजत जयंती समारोह’ के दौरान, छत्तीसगढ़ को ग्रामीण सड़कों के शानदार रखरखाव (Maintenance) के लिए देश भर में द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
यह सम्मान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के उस विजन का परिणाम है, जिसके तहत सुदूर ग्रामीण अंचलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय नेतृत्व ने सराहा छत्तीसगढ़ का मॉडल
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक भव्य समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह और प्रमुख अभियंता के.के. कटारे ने इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को ग्रहण किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
जीत के पीछे के मुख्य कारण: पारदर्शिता और तकनीक
छत्तीसगढ़ को यह स्थान मुख्य रूप से ‘पोस्ट डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड’ (सड़क निर्माण के बाद की गारंटी अवधि) में सड़कों के बेहतरीन संधारण के लिए मिला है। सफलता के प्रमुख आधार निम्नलिखित हैं:
ई-गवर्नेंस का उपयोग: सड़कों की डिजिटल निगरानी और ठेकेदारों के भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया।
प्रभावी मॉनिटरिंग: पांच साल की गारंटी अवधि खत्म होने के बाद भी सड़कों की मरम्मत और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक कड़ा सिस्टम लागू किया गया।
सुशासन: समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूरा करना और ग्रामीण कनेक्टिविटी को प्राथमिकता देना।
आंकड़ों की नजर में प्रदर्शन
श्रेणी, विवरण
नवीनीकरण,”2010-11 से अब तक 32,000 किमी लंबी सड़कों का कायाकल्प।”
कुल निवेश,”नवीनीकरण कार्यों पर लगभग 4,040 करोड़ रुपये का व्यय।”
नियमित संधारण,”वर्तमान में 13,000 किमी से अधिक सड़कों का नियमित रखरखाव जारी।”
PMGSY-1,लक्ष्य का 98% कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण।
PMGSY-2 व 3,शत-प्रतिशत (100%) निर्माण कार्य पूरा।
‘जनमन’ और बस्तर में विकास की नई रफ्तार
छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत देश में सर्वाधिक सड़कें बनाने का कीर्तिमान भी रचा है। देश की कुल जनमन सड़कों का 38 प्रतिशत हिस्सा अकेले छत्तीसगढ़ में है। इसके साथ ही, पिछले एक वर्ष में नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में 52 नई सड़कों का जाल बिछाकर विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया गया है।
छत्तीसगढ़ का यह पुरस्कार साबित करता है कि राज्य सरकार न केवल नई सड़कें बनाने में विश्वास रखती है, बल्कि पुरानी संपत्तियों के रखरखाव और सुशासन में भी देश का नेतृत्व कर रही है।
















