सुशासन उत्सव 2026 : सिमड़ा में दिखी प्रशासन की संवेदनशीलता, सुगन्ती को मिला सहारा

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश भर में “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला ब्लॉक के ग्राम सिमड़ा में एक भव्य जिला स्तरीय शिविर लगाया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना था, बल्कि मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाना था।
चेहरे पर आई मुस्कान: सुगन्ती को मिली नई गति
शिविर के दौरान ग्राम सिमड़ा की निवासी सुगन्ती तिर्की के लिए यह दिन खुशियों भरा रहा। शारीरिक बाधाओं के कारण आवागमन में कठिनाई झेल रही सुगन्ती को प्रशासन की ओर से ट्राइसाइकिल प्रदान की गई।
बदलाव: अब उन्हें अपने छोटे-मोटे कार्यों या कहीं आने-जाने के लिए दूसरों की मदद नहीं लेनी पड़ेगी।
प्रतिक्रिया: अपनी नई ट्राइसाइकिल पाकर सुगन्ती भावुक हो गईं और उन्होंने मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद किया।
पेंशन योजनाओं से मिला आर्थिक संबल
सिमड़ा शिविर में सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तीन अन्य ग्रामीणों के जीवन में भी बड़ी राहत दी गई। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के तहत निम्नलिखित हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए:
डोम
नूपपति
रामेश्वर साय
प्रमाण पत्र मिलने के बाद इन बुजुर्गों ने खुशी जाहिर की और इसे सरकार की एक सराहनीय पहल बताया, जिससे उन्हें अब नियमित आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
गांवों तक पहुँच रहा समाधान
सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। इन शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों का विश्वास भी बढ़ा रहा है।
















