‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से ग्रामीणों के द्वार पहुँचा प्रशासन, मौके पर सुलझे कई मामले

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेश में मनाए जा रहे “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत ग्राम पंचायत महुआ में एक विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर ने जनसेवा के एक सशक्त माध्यम के रूप में अपनी पहचान बनाई, जहाँ बगीचा जनपद के विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों और मांगों को सीधे प्रशासन के सामने रखा।
शिविर की मुख्य उपलब्धियां: एक नजर में
प्रशासनिक सक्रियता और ग्रामीणों के उत्साह के बीच इस आयोजन में निम्नलिखित परिणाम सामने आए:
कुल आवेदन: 1077 ग्रामीणों ने अपनी मांगें और शिकायतें दर्ज कराईं।
त्वरित समाधान: 163 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
कार्यवाही: शेष आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।
विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी
शिविर में केवल समस्याओं का समाधान ही नहीं हुआ, बल्कि विकास और सशक्तिकरण की झलक भी देखने को मिली:
कृषि एवं पर्यावरण: उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को आम, लीची और अमरूद जैसे फलदार पौधे वितरित किए गए। विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को उन्नत खेती और ‘बाड़ी विकास’ के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने के गुर सिखाए।
दस्तावेज निर्माण: ग्रामीणों की सुविधा के लिए शिविर में पहचान पत्रों के निर्माण की व्यवस्था की गई थी। यहाँ निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और पहचान संबंधी अन्य जरूरी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड आदि) मौके पर ही बनाए गए, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली।
शिक्षा और प्रोत्साहन: स्कूल शिक्षा विभाग ने क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
“अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना ही लक्ष्य”
कार्यक्रम में उपस्थित जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन का असली अर्थ शासन की सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर ही समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है, जो कि बेहतर प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत बगीचा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित रहे।
















