वनांचल क्षेत्र का चंहुमुखी विकास हमारी प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

कबीरधाम। सुदूर वनांचल और विशेषकर बैगा जनजाति बहुल इलाकों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह बात छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के तरेगांव जंगल में आयोजित ‘सुशासन तिहार समाधान शिविर’ के दौरान कही।
डिप्टी सीएम ने शिविर में सुदूर क्षेत्रों से आए ग्रामीणों के बीच बैठकर सीधे उनसे बातचीत की, उनकी मांगें सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को जनसमस्याओं के जल्द निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी को कम करना है।
₹100 करोड़ की पेयजल योजना से 66 गांवों की बुझेगी प्यास
वनांचल क्षेत्र में पीने के साफ पानी की किल्लत को दूर करने के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कुसुमघटा – बैजलपुर – राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना को मंजूरी मिली है। इस ₹100 करोड़ की भारी-भरकम योजना के जरिए क्षेत्र के 66 गांवों (जैसे बड़ौदाखुर्द, भलपहारी, कुसुमघटा, बैजलपुर आदि) के घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा।
सिंचाई के लिए नहर विस्तार: 19 गांवों के किसानों को लाभ
किसानों की समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम ने बताया कि क्षीरपानी मध्यम परियोजना के तहत नहर विस्तार के लिए ₹50 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इस कदम से क्षेत्र के 19 गांवों के हजारों किसानों को अपने खेतों की सिंचाई करने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
तरेगांव जंगल क्लस्टर में बनेंगे 5,000 से अधिक पक्के मकान
गरीबों के आवास के सपने को पूरा करने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। अकेले तरेगांव जंगल क्लस्टर के 26 गांवों में 5,000 से ज्यादा प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनका निर्माण कार्य प्रगति पर है।
पीएम जनमन योजना: वनांचल में बिछेगा सड़कों का जाल
दूरदराज के आदिवासी इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम हो रहा है।
फेज-1: ₹35.80 करोड़ की लागत से 51.4 किलोमीटर लंबी 14 सड़कों को मंजूरी दी गई है।
फेज-4: ₹11.53 करोड़ की लागत से 5 और नई सड़कें बनाई जाएंगी।
इन ऑल-वेदर (बारहमासी) सड़कों के बनने से वनांचल के लोगों का आवागमन बेहद आसान हो जाएगा।
बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेडेशन
इलाके में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के रूप में अपग्रेड कर दिया गया है। इसके नए भवन के लिए ₹2.5 करोड़ का बजट जारी किया गया है। इससे अस्पताल में डॉक्टरों, स्टाफ और मेडिकल सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी।
महतारी वंदन योजना और डिजिटल बैंकिंग की सुविधा
आर्थिक मदद: महिलाओं के सशक्तिकरण की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना की 27 किस्तें पूरी हो चुकी हैं, जिससे हर पात्र महिला को अब तक ₹27-27 हजार मिल चुके हैं।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्र: महिलाओं को बैंक से पैसे निकालने के लिए दूर न जाना पड़े, इसके लिए हर ग्राम पंचायत में डिजिटल केंद्र खोले जा रहे हैं। साथ ही तरेगांव जंगल में महिला समूहों के लिए ‘महतारी सदन’ की भी मंजूरी दी गई है।
‘डीलर दीदी’ मॉडल से आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य हिस्सों की तरह यहाँ भी महिलाओं को शटरिंग प्लेट किराए पर देने और कंस्ट्रक्शन मटेरियल सप्लाई करने जैसे बिजनेस से जुड़ना चाहिए। इस ‘डीलर दीदी’ मॉडल से महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर आवास निर्माण के काम में भी तेजी आएगी।
















