छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ शासन की बड़ी पहल : सीएम साय ने रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा के विकास कार्यों का लिया जायजा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के अंतर्गत रायगढ़ जिला कार्यालय के सृजन सभागार में एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिलों में चल रहे विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कामकाज की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी कि सरकारी लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक तय समय सीमा में पहुंचना चाहिए और आम जनता की शिकायतों के निपटारे में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस बैठक में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गवेल, महापौर श्री जीवर्धन चौहान समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

जनता से सीधे संवाद पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुशासन तिहार’ के माध्यम से प्रशासन अब सीधे गांवों और शहरों में जनता के द्वार तक पहुंच रहा है। इससे लोगों का सरकार पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को याद दिलाया कि वे जनता के सेवक हैं और नागरिकों को सुगम सुविधाएं देना ही उनकी पहली प्राथमिकता है।

राजस्व मामलों और जन-शिकायतों पर सख्त रुख

लंबित मामलों का त्वरित निपटारा: राजस्व विभाग के एक साल से अधिक पुराने और समय सीमा पार कर चुके मामलों को तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए गए।

लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई: जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने वाले या जानबूझकर लापरवाही बरतने वाले पटवारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत: प्रदेश में जल्द ही सीएम हेल्पलाइन सेवा शुरू होगी, जहां नागरिक फोन या इंटरनेट के माध्यम से अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे और इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग होगी।

मौसम और आपातकालीन व्यवस्थाएं

गर्मी के सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पेयजल की किल्लत न होने देने की हिदायत दी। साथ ही, आगामी मानूसन के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पहले से ही मुस्तैद रहने को कहा। ईंधन की उपलब्धता पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

कृषि, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाएं

वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा: खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज के पर्याप्त भंडारण की समीक्षा की गई। डीएपी की कमी को देखते हुए किसानों को यूरिया, नैनो यूरिया, एसएसपी और नैनो डीएपी जैसे विकल्पों के इस्तेमाल के लिए जागरूक करने को कहा गया।

ड्रोन दीदी योजना: महिलाओं को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘ड्रोन दीदी’ कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देने की बात कही गई।

स्वास्थ्य और बिजली योजनाएं: ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के दायरे को बढ़ाने और ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत मरीजों को सिर्फ कार्ड ही नहीं, बल्कि अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण इलाज दिलाने के निर्देश दिए। कोरबा जिले के बेहतर प्रदर्शन की सराहना भी की गई।

सेवा सेतु पोर्टल: जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदनों के खारिज होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।

शिक्षा और बुनियादी ढांचे का विकास

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि जांजगीर-चांपा की डोंगा-कोहरोद सड़क के निर्माण को इस साल के बजट में शामिल कर लिया गया है और इसके लिए जल्द ही प्रशासनिक मंजूरियां मिल जाएंगी। इसके अलावा, रायगढ़ जिले के निजी स्कूलों के कमजोर बोर्ड परीक्षा परिणामों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कलेक्टर को इस मामले की जांच करने और शिक्षा के स्तर को सुधारने के निर्देश दिए।

इस समीक्षा बैठक में संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और वन मंडलाधिकारी (DFO) उपस्थित रहे।

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