श्रमिक परिवारों के होनहार बच्चों को मिलेगा डॉक्टर बनने का अवसर : ESIC कॉलेजों में सीटें रिजर्व

रायपुर। छत्तीसगढ़ के संगठित क्षेत्र में कार्यरत बीमित कर्मचारियों के बच्चों के लिए चिकित्सा (MBBS/BDS) के क्षेत्र में भविष्य बनाने का एक बेहतरीन मौका है। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन संचालित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने देश के 20 नामी मेडिकल संस्थानों में बीमित श्रमिकों के आश्रितों के लिए 700 सीटें आरक्षित की हैं। इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाकर अब 21 जून 2026 कर दिया गया है।
चयन की प्रक्रिया
श्रम आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इन सुरक्षित सीटों पर दाखिला राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के अंकों के आधार पर होगा। पात्रता पूरी करने वाले इच्छुक छात्र अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए ESIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जल्द से जल्द ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
पहल के पीछे का मकसद
श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को बिना किसी आर्थिक तंगी के उच्च स्तर की मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराना है। इससे सामान्य या कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले छात्र भी वित्तीय बाधाओं की चिंता किए बिना डॉक्टर बनने का अपना लक्ष्य हासिल कर सकेंगे।
मुख्य बिंदु एक नजर में
कुल सीटें: देश के 20 ESIC मेडिकल कॉलेजों में 700 सीटें सुरक्षित।
प्रवेश का आधार: NEET UG की मेरिट लिस्ट।
नई अंतिम तिथि: 21 जून 2026 तक।
आधिकारिक पोर्टल: विस्तृत जानकारी के लिए esic.nic.in पर जाएं।
सहायता और संपर्क सूत्र
आवेदन प्रक्रिया या पात्रता से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए छात्र और उनके अभिभावक टोल-फ्री नंबर 1800-11-2526 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने नजदीकी ESIC ऑफिस या राज्य के क्षेत्रीय कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। श्रम आयुक्त कार्यालय ने सभी पात्र कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
















