छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सुशासन एजेंडा : बेमेतरा में मुख्यमंत्री ने परखीं विकास योजनाएं और कानून-व्यवस्था

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य ध्येय केवल जनकल्याणकारी नीतियों का निर्माण करना नहीं, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाना है। बेमेतरा के जिला पंचायत सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे तौर पर जवाबदेह और संवेदनशील बनने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों का तुरंत और असरदार निपटारा होना चाहिए ताकि आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षकों (SPs) तथा आला अधिकारियों की मौजूदगी में सरकार की प्राथमिकताओं की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान अन्य जिलों के प्रशासनिक प्रमुख भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश और एजेंडे इस प्रकार हैं:

  1. लोक सेवा और डिजिटल सुशासन

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सुदृढ़ीकरण: जनशिकायतों के निवारण के लिए हेल्पलाइन को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाया जा रहा है। इसकी निगरानी सीधे उच्च स्तर से की जाएगी ताकि अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

सुशासन तिहार: इस पहल के जरिए जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम हुई है। मुख्यमंत्री ने प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने को कहा।

  1. राजस्व मामलों और प्रशासनिक कसावट पर सख्ती

लंबित प्रकरणों के लिए विशेष अभियान: एक साल से अधिक समय से रुके हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और रिकॉर्ड सुधार जैसे मामलों को मिशन मोड में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

लापरवाही पर कार्रवाई: राजस्व दस्तावेजों में गड़बड़ी करने वाले या जानबूझकर लेती-देती करने वाले पटवारियों व संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।

  1. कृषि, ईंधन और आगामी खरीफ की तैयारियां

खाद-बीज की उपलब्धता: मानसून और आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में सोसायटियों में खाद और उन्नत बीजों का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा: डीएपी की सीमित आपूर्ति के मद्देनजर किसानों को एसएसपी, यूरिया और नैनो यूरिया/डीएपी के इस्तेमाल के प्रति जागरूक किया जाएगा।

ईंधन की अफवाहों पर रोक: राज्य में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मुख्यमंत्री ने ईंधन की कमी को लेकर भ्रम या अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

  1. जनस्वास्थ्य, सुरक्षा और केंद्रीय योजनाएं

मौसमी बीमारियों से बचाव: मानसून के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को दवाओं और मेडिकल टीमों के साथ अलर्ट पर रहने को कहा गया है। साथ ही गर्मी के बचे दिनों में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने के निर्देश दिए गए।

महिला सशक्तिकरण व आत्मनिर्भरता: कृषि क्षेत्र में आधुनिकता लाने के लिए ग्रामीण महिलाओं को ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित करने की गति बढ़ाने पर जोर दिया गया।

योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन: प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना में सिर्फ कार्ड बनना काफी नहीं है, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलना भी अनिवार्य है।

कानून-व्यवस्था और शिक्षा: स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने की बात कही गई।

बैठक में मुख्य उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद विजय बघेल, विधायक ईश्वर साहू सहित मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक शांडिल्य और संभाग के सभी वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

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