भारी बरसात से डूबा बिलासपुर : स्कूल बंद, मुस्तैदी परखने सड़कों पर उतरे अफसर, कलेक्टर की बैठकें टलीं

बिलासपुर। बिलासपुर में गुरुवार रात से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते पूरे जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। विपदा की इस घड़ी में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर है।
यहाँ जानिए स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए मुख्य कदम:
शिक्षण संस्थानों में अवकाश: स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है।
प्रशासनिक बैठकें निरस्त: आपदा की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने शुक्रवार को होने वाली अपनी सभी पूर्व-निर्धारित बैठकें रद्द कर दी हैं। उन्होंने खुद मोर्चा संभालते हुए सभी विभागों के अफसरों को दफ्तरों से निकलकर सीधे जमीन पर राहत कार्यों में जुटने के निर्देश दिए हैं।
रेस्क्यू और जलभराव पर नजर: शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर निचले ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 4 फीट तक पानी भर चुका है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने और जल निकासी की व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों और नदी-नालों पर पहरा: लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उफनते नदी-नालों और जलमग्न सड़कों की लगातार मॉनिटरिंग करें। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील जगहों पर तुरंत बैरिकेडिंग लगाने को कहा गया है।
कलेक्टर का निर्देश: “आगामी घंटों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सभी अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करें। संकट में फंसे हर नागरिक तक त्वरित मदद पहुंचना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।”
















