इबोला संक्रमण को लेकर छत्तीसगढ़ में सतर्कता : विदेश से आने वालों की होगी कड़ी जांच

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में इबोला संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बाहरी देशों से आने वाले यात्रियों के जरिए राज्य में वायरस न फैले, इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
विदेश से लौटने वाले नागरिकों की सघन निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग और बिलासपुर जिला प्रशासन ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में संदिग्धों की पहचान के लिए आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच की व्यवस्था शुरू की जा रही है।
एयरपोर्ट से लेकर रेलवे स्टेशन तक स्क्रीनिंग
चूंकि यह वायरस अंतरराष्ट्रीय यात्रा के माध्यम से ही राज्य में प्रवेश कर सकता है, इसलिए बाहर से आने वाले हर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। रायपुर हवाई अड्डे के सहयोग से बिलासपुर आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सूची रोजाना महामारी नियंत्रण सेल को भेजी जा रही है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों पर भी संदिग्ध लक्षणों वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, खासकर जो लोग हाल ही में अफ्रीका महाद्वीप से लौटे हैं।
21 दिनों का क्वारंटाइन और अस्पतालों के लिए निर्देश
संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को 21 दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में क्वारंटाइन रहना होगा। इसके अलावा, राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा परिसर में मास्क अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिम्स में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बिलासपुर सिम्स और जिला अस्पताल में 10-10 बेड के विशेष आइसोलेशन वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं। सिम्स प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के साथ-साथ माइक्रोबायोलॉजी लैब को भी जांच के लिए अपग्रेड किया जा रहा है ताकि संक्रमण की पुष्टि जल्द से जल्द की जा सके।
















