छत्तीसगढ़

पीएम सूर्यघर योजना : छतों पर सोलर पैनल लगाने वालों की चांदी, अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी कमाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। छतों पर सोलर प्लांट (रूफटॉप सोलर) लगाने वाले उपभोक्ताओं द्वारा ग्रिड में भेजी जाने वाली अतिरिक्त बिजली को अब पावर कंपनी तय दरों पर खरीदेगी। इस कमाई का फायदा उपभोक्ताओं को उनके आने वाले बिजली बिलों में छूट (क्रेडिट) के रूप में मिलेगा।

बिजली कंपनी ने शुरू की तैयारी

सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरप्लस सोलर बिजली की बायबैक (खरीद) दरें निर्धारित कर दी हैं। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने भी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं।

ताजा अपडेट: पावर कंपनी ने तय दरों की मंजूरी के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग’ (CSERC) को प्रस्ताव भेज दिया है। नियामक आयोग से अंतिम स्वीकृति मिलते ही उपभोक्ताओं के खातों में राशि क्रेडिट होने लगेगी।

जानिए कैसे काम करता है नेट मीटरिंग और बायबैक का गणित?

पावर कंपनी के मुताबिक, अतिरिक्त बिजली का हिसाब-किताब बेहद पारदर्शी और आसान है:

मासिक समायोजन (Monthly Adjustment): सोलर पैनल से बनने वाली बिजली का सबसे पहले उपभोक्ता की हर महीने की खपत से मिलान किया जाता है।

ग्रिड में बिजली की बचत: यदि खपत से ज्यादा बिजली बनती है, तो वह ग्रिड में चली जाती है और बची हुई यूनिट्स हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती रहती हैं।

साल के अंत में भुगतान: वित्तीय वर्ष के खत्म होने पर, खाते में जमा कुल अतिरिक्त यूनिट्स को पावर कंपनी तय दरों पर खरीद लेती है। यह बनी हुई राशि अगले बिलों में घटा दी जाती है।

नए वित्तीय वर्ष में यूनिट्स का नियम

अक्सर उपभोक्ताओं में भ्रम रहता है कि नए साल में उनकी बची हुई यूनिट्स गायब हो गईं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि:

हर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यूनिट्स का हिसाब-किताब शून्य (Zero) से शुरू होता है।

पिछले साल की बची यूनिट्स नए बिल में ‘यूनिट’ के रूप में नहीं दिखतीं, बल्कि उनका पैसा (मौद्रिक मूल्य) पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

यह पैसा आने वाले महीनों के बिजली बिलों में से कम कर दिया जाता है।

नियामक आयोग के नियमों के तहत चल रही इस पारदर्शी व्यवस्था से छत्तीसगढ़ के हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलने जा रहा है।

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