अबूझमाड़ से देशव्यापी स्वास्थ्य मुहिम : ‘दो बूंद जिंदगी की’ संग पोलियो मुक्त भारत का संकल्प

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का अबूझमाड़ क्षेत्र, जो अपनी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, आज राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी बना। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने यहाँ नौनिहालों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर इस विशेष टीकाकरण अभियान का औपचारिक उद्घाटन किया।
अभियान की प्राथमिकताएं
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्पष्ट किया कि बच्चों का स्वास्थ्य सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अभियान के कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
शत-प्रतिशत सुरक्षा: 5 वर्ष तक की आयु के हर बच्चे को पोलियो से सुरक्षित करना।
सशक्त भविष्य: “दो बूंद जिंदगी की” को एक स्वस्थ और मजबूत राष्ट्र निर्माण की नींव के रूप में देखना।
दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच: अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
जमीनी स्तर पर टीम का योगदान
इस अभियान की सफलता के पीछे स्वास्थ्य विभाग और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका है। मंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और अभियान में लगे समस्त कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के समर्पित प्रयासों के बिना कठिन से कठिन क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाना संभव नहीं था।
अभियान का संचालन:
स्थानीय प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि टीका किसी भी बच्चे से न छूटे। इसके लिए दोहरी रणनीति अपनाई गई है:
टीकाकरण बूथ: जिले भर में निर्धारित बूथों पर टीकाकरण जारी है।
डोर-टू-डोर कवरेज: स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिला रहे हैं।
यह अभियान केंद्र और राज्य सरकार के उस साझा संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत देश के हर बच्चे को सुरक्षित स्वास्थ्य प्रदान करना सुनिश्चित किया जा रहा है।
















