मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम : नारायणपुर में आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से मिलीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने नारायणपुर दौरे के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र का दौरा किया। वहाँ उन्होंने आत्मसमर्पण कर चुकीं महिला नक्सलियों से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की और उनके अनुभवों को साझा किया। मंत्री ने केंद्र में दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और महिलाओं का हौसला बढ़ाया।
‘भ्रम के रास्ते’ से ‘सम्मान के जीवन’ तक का सफर
बातचीत के दौरान पूर्व महिला नक्सलियों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि नक्सली संगठनों का रास्ता केवल डर, भ्रम और भटकाव से भरा हुआ था। उन्होंने राज्य सरकार की पुनर्वास नीति की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यधारा में लौटने के बाद अब वे एक सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जी रही हैं। इस नीति के तहत मिल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण (Skill Development) की बदौलत वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सिर उठाकर जी पा रही हैं।
पुनर्वास नीति दे रही है नई जिंदगी: लक्ष्मी राजवाड़े
इस मौके पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हिंसा का त्याग कर लौटने वाले हर नागरिक को आगे बढ़ने के समान अवसर और सम्मान देना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि:
कई पूर्व नक्सली आज सरकारी नौकरियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
बहुत से लोग आम नागरिक के रूप में एक कामयाब जीवन बिता रहे हैं, जो इस नीति की सफलता को दर्शाता है।
“राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि वे देश और समाज के विकास में अपना योगदान दे सकें।”
— श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महिला एवं बाल विकास मंत्री
मंत्री ने सभी महिलाओं के सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए उन्हें पूरी मजबूती के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
इस संवेदनशील मुलाकात के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्र प्रसाद बघेल, स्थानीय पार्षदगण, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई और एसडीएम श्री अभयजीत मंडावी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
















