मध्यप्रदेश

मुरैना में देश का सबसे सस्ता सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट, नीमच-शाजापुर सौर पार्क भी राष्ट्र को समर्पित

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश ने देश के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में राज्य ने मुरैना में बनने जा रही ‘440 मेगावाट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना’ के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अनूठी परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी रिकॉर्ड-तोड़ कम दर है, जो देश में अब तक की सबसे कम यानी मात्र ₹2.70 प्रति यूनिट तय की गई है।

इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. यादव और केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नीमच और शाजापुर में स्थापित नए सौर पार्कों का भी लोकार्पण किया।

मुख्य बिंदु: क्यों खास है यह नई सौर परियोजना?

देश की सबसे प्रतिस्पर्धी दर: मुरैना परियोजना के लिए मिली ₹2.70 प्रति यूनिट की बोली देश के पिछले सभी राष्ट्रीय मानकों से कहीं कम है। इस दर को हासिल करने के लिए 16 बड़ी कंपनियों के बीच करीब 12 घंटे तक कड़ी प्रतिस्पर्धी बोली चली।

इनोवेटिव बैटरी तकनीक: इस प्रोजेक्ट में देश का पहला ऐसा बैटरी मॉडल इस्तेमाल किया जा रहा है, जहाँ एक ही बैटरी को दिन भर में दो बार चार्ज और डिस्चार्ज (उपयोग) किया जा सकेगा। इससे भंडारण की लागत आधी हो जाएगी।

1000 मेगावाट के करीब स्वच्छ ऊर्जा: 500 मेगावाट क्षमता के नीमच सौर पार्क और 450 मेगावाट क्षमता के शाजापुर सौर पार्क के शुरू होने से राज्य ने एक ही दिन में 950 मेगावाट ग्रीन एनर्जी देश को समर्पित की है।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के वक्तव्य:

“मध्य प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रहा है। बिजली के बिना आज के दौर में आधुनिक जीवन की कल्पना असंभव है, इसलिए हम चंबल और मालवा सहित पूरे प्रदेश को चौबीसों घंटे सस्ती बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के विजन को अपनाकर मध्य प्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा में अपने ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि एक वर्ष के भीतर राज्य की सभी सरकारी इमारतों को पूरी तरह सोलराइज (सौर ऊर्जा संचालित) कर दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश की अन्य बड़ी उपलब्धियाँ और भविष्य के लक्ष्य

  1. भारतीय रेलवे और दिल्ली मेट्रो को सप्लाई

राज्य की आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजनाओं से भारतीय रेल को तथा रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट से दिल्ली मेट्रो को पर्यावरण-अनुकूल बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

  1. किसानों को दिन में बिजली और ₹2.40 की ऐतिहासिक दर

किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय ही पर्याप्त और भरोसेमंद बिजली देने के उद्देश्य से फीडर सौर ऊर्जीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत राज्य ने ₹2.40 प्रति यूनिट की रिकॉर्ड न्यूनतम दर हासिल की है।

  1. आगामी लक्ष्य: 20 हजार मेगावाट क्षमता

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में तय किए गए विजन के आधार पर राज्य सरकार अब 4 से 6 घंटे के एनर्जी स्टोरेज वाले टेंडर जारी कर चुकी है। 1 जुलाई 2026 को देश की पहली 24×7 राउंड-द-क्लॉक (RTC) रिन्यूएबल एनर्जी परियोजना के लिए प्री-बिड बैठक होने जा रही है। प्रदेश का आगामी लक्ष्य 20,000 मेगावाट से अधिक हरित ऊर्जा क्षमता विकसित करना है।

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