रायपुर में साझा बाल कविता संग्रह ‘मोर अंगना के शोर’ का विमोचन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित वृंदावन भवन में आयोजित एक विशेष गरिमामय समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ‘मोर अंगना के शोर’ नामक एक साझा बाल काव्य संग्रह का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पुस्तक से जुड़े सभी रचनाकारों और शिक्षकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि केदार कश्यप ने कहा कि नई पीढ़ी के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य की नींव शिक्षा, अच्छे संस्कारों और बेहतर साहित्य पर टिकी होती है।
मुख्य बिंदु और पुस्तक की विशेषताएं
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को संबल: यह बाल काव्य संग्रह बच्चों में नैतिक मूल्य, भाषा कौशल और संवेदनशीलता विकसित करने में मददगार साबित होगा। मंत्री कश्यप ने रेखांकित किया कि यह कृति नई शिक्षा नीति (NEP) और बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
साहित्य और तकनीक का अनूठा मेल (QR Code): इस संकलन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी तकनीकी नवीनता है। किताब की हर कविता के साथ एक क्यूआर (QR) कोड दिया गया है।
दिव्यांग बच्चों के लिए मददगार: इस तकनीक की मदद से बच्चे कविताओं को पढ़ने के साथ-साथ सुन भी सकेंगे। मंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह नवाचार शिक्षा को अधिक समावेशी और रोचक बनाएगा, जिससे विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों को भी सीखने में समान अवसर मिलेंगे।
राष्ट्र निर्माण में सामूहिक योगदान की सराहना
संपादक वीरेंद्र कुमार साहू सहित सभी लेखकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए वन मंत्री ने कहा कि समाज, साहित्य और शिक्षा का यह तालमेल राष्ट्र निर्माण को गति देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘मोर अंगना के शोर’ बाल साहित्य के क्षेत्र में देश भर के लिए एक आदर्श उदाहरण बनेगा।
उपस्थिति: इस भव्य विमोचन समारोह में स्थानीय विधायक व पद्मश्री अनुज शर्मा, अमित चिमलानी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध साहित्यकार और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
















