नवा रायपुर में थमेगी नहीं विकास की रफ्तार : कैबिनेट बैठक में ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना-2026’ को हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में नवा रायपुर अटल नगर के विकास को नया जीवन देने वाला एक बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के आवंटियों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026’ को मंजूरी दे दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज और पेनाल्टी में राहत देकर अटकी हुई परियोजनाओं को दोबारा शुरू करना है।
योजना की मुख्य बातें और आवंटियों को राहत
समय सीमा: यह योजना लागू होने की तारीख से लेकर 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी।
वित्तीय राहत: पात्र आवंटियों को ब्याज और अधिभार (सरचार्ज) में लगभग ₹61.96 करोड़ की बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कोई वित्तीय नुकसान नहीं: प्राधिकरण ने साफ किया है कि मूल भूमि प्रीमियम में कोई छूट नहीं दी जाएगी, और न ही वर्तमान रिजर्व प्रीमियम से कम पर कोई सेटलमेंट होगा। इससे सरकार को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा।
एग्जिट ऑप्शन (बाहर निकलने का विकल्प): जो आवंटी अब अपनी परियोजनाओं को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, वे अपनी जमीन सरेंडर करके बिना किसी कानूनी पचड़े के अनुबंध से सम्मानजनक तरीके से बाहर हो सकते हैं।
नेतृत्व का दृष्टिकोण: निवेश और विश्वास को बढ़ावा
“हमारी सरकार का हर फैसला व्यावहारिक समाधान और विकास पर केंद्रित है। OTS योजना-2026 से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और नवा रायपुर का एक सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने भी इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे बेवजह की कोर्ट-कचहरी के मामलों में कमी आएगी। जो जमीनें सालों से फंसी हुई थीं, उनका सही इस्तेमाल हो सकेगा और नवा रायपुर देश के सबसे आधुनिक और नियोजित शहरों की कतार में तेजी से आगे बढ़ेगा।
इस फैसले का जमीनी असर क्या होगा?
इस वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के आने से नवा रायपुर में रियल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई ऊर्जा मिलेगी। लंबित मामलों के निपटारे से रुकी हुई कमर्शियल और रेजिडेंशियल योजनाएं रफ्तार पकड़ेंगी, जिससे शहर में आर्थिक गतिविधियां और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
















