एनआईटी रायपुर में ‘खेलो इंडिया संवाद’ : पीएम मोदी बोले- केवल मेडल नहीं, व्यक्तित्व निर्माण का जरिया हैं खेल; अरुण साव ने दिया नशामुक्त युवा का संदेश

रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस देशव्यापी अभियान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअली जुड़कर देशभर के 1,600 से अधिक स्थानों पर मौजूद लगभग 8 लाख युवाओं को संबोधित किया। रायपुर में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री व खेल मंत्री अरुण साव, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा और यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के प्रमुख अंश:
विकसित भारत और खेल शक्ति (पीएम मोदी का संबोधन): प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों का उद्देश्य केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की युवा शक्ति को संवारकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण का आधार है। उन्होंने भारत में 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने, स्पोर्ट्स साइंस और वैश्विक स्तर की ट्रेनिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
नशामुक्त युवा और सतत प्रयास (उप मुख्यमंत्री अरुण साव): उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं से जीवन में किसी भी असफलता से हताश न होने और नशे की लत से पूरी तरह दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच ही बड़ी सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।
अनुशासन और नेतृत्व पर मंथन:
तिलक वर्मा: क्रिकेटर तिलक वर्मा ने युवाओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि खेल व्यक्ति को मानसिक स्थिरता, विपरीत परिस्थितियों से निपटना और टीम भावना सिखाते हैं।
डॉ. प्रियंका बिस्सा: यूथ-आइकन डॉ. बिस्सा ने युवाओं से अपने विचारों और पहलों में स्वामित्व (Ownership) की भावना अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान एनआईटी के विद्यार्थियों और युवा एथलीटों ने वर्ष 2036 के ओलंपिक की तैयारियों, खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और शासन में युवाओं की भागीदारी जैसे विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। अंत में सभी उपस्थितजनों को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान खेल विभाग के उच्च अधिकारी और एनआईटी का प्रबंधन भी मौजूद रहा।
















