कठुआ में खूनी संघर्ष : पारिवारिक कलह के चलते सीआईएसएफ जवान ने की अंधाधुंध फायरिंग, चार साथियों की मौत

नई दिल्ली (एजेंसी)। कठुआ जिले के हट्ट माश्का गांव स्थित सेवा-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट कैंप में मंगलवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। पारिवारिक विवाद से उपजे तनाव के बीच केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक हेड कांस्टेबल ने अपनी सर्विस राइफल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे एक अधिकारी समेत चार कर्मियों की जान चली गई।
पूरी घटना का विवरण
पुलिस और सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह (जो मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और 2009 में बल में भर्ती हुए थे) का विवाद पत्नी और बच्चे के कैंप में प्रवेश व रहने को लेकर चल रहा था। यूनिट प्रशासन ने बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में रहने की अनुमति नहीं दी थी, जिसको लेकर अंदरूनी कलह चल रही थी।
मंगलवार शाम करीब सात बजे यह विवाद तब और बढ़ गया जब आरोपी अवधेश कैंप के ऑपरेशंस सेक्शन कार्यालय में पहुंचा। वहां कंपनी कमांडर व अन्य कर्मी मौजूद थे। गुस्से में आकर उसने अपनी एके-47 राइफल (जिसमें लगभग 150 राउंड कारतूस थे) से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मी
इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए चारों जवानों को तुरंत हिमाचल प्रदेश के चंबा स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों में शामिल हैं:
अंकित कुमार पांडेय (असिस्टेंट कमांडेंट एवं कंपनी कमांडर, निवासी- उदिया, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश)
लक्ष्मण सिंह (सब इंस्पेक्टर, निवासी- सोलन, हिमाचल प्रदेश)
संजीव कुमार (कांस्टेबल, निवासी- अखनूर, जम्मू-कश्मीर)
रफीक अहमद (कांस्टेबल, निवासी- कंडालो, भलसा/गंदोह, डोडा, जम्मू-कश्मीर)
आगे की कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंध
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है। सीआईएसएफ मुख्यालय ने इस पूरे मामले की ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश दे दिए हैं। प्रोजेक्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में इस अचानक हुई वारदात से हड़कंप मच गया है, और पुलिस तथा बल के वरिष्ठ अधिकारी हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
















