मध्यप्रदेश

विधानसभा में सामूहिक क्षमावाणी पर्व: “क्षमा से मिटता है अहंकार, बढ़ता है जीवन का उत्साह” : डॉ. मोहन यादव

बड़े दिल वाला व्यक्ति ही दे सकता है क्षमा: मुख्यमंत्री
भोपाल (एजेंसी)।
भोपाल में आयोजित क्षमावाणी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षमा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि क्षमा मनुष्य का सबसे श्रेष्ठ आभूषण है। क्षमा करने से व्यक्ति का अहंकार समाप्त होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा एवं उत्साह का संचार होता है।

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि शासन के प्रमुख के रूप में कई बार कड़े निर्णय लेने पड़ते हैं, जो सर्वसम्मति से परे हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में अंतरात्मा की आवाज ही व्यक्ति को अपनी भूल का अहसास कराकर सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

वैश्विक शांति, साहस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख किया और कहा कि ‘जियो और जीने दो’ का भारतीय सिद्धांत आज विश्व शांति का माध्यम बन रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी:

वन्यजीव संरक्षण: रातापानी अभयारण्य का नामकरण डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर कर इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है।

चीता प्रोजेक्ट: माधव नेशनल पार्क की स्थापना के बाद सागर जिले में दो चीतों को छोड़ा जा रहा है, जिससे प्रदेश में चीतों का यह तीसरा प्राकृतिक आवास बनेगा।

गौ-सेवा और दुग्ध उत्पादन: मध्य प्रदेश को देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में शीर्ष स्थान पर लाने के संकल्प के साथ गौ-संवर्धन और गौ-पालक सम्मेलनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

अहिंसा और करुणा ही विश्व शांति की नींव: आचार्य समयसागर जी महाराज

परम पूज्य आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज ने अपने मंगल आशीर्वाद में कहा कि अहिंसा किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानव जाति के सुख और शांति का आधार है।

क्षमा से शांत होता है क्रोध: आचार्य श्री ने बताया कि जिस प्रकार आग को पानी से बुझाया जाता है, उसी प्रकार क्रोध को केवल क्षमा से शांत किया जा सकता है।

आत्मानुशासन आवश्यक: प्रगति के लिए आत्मानुशासन और विवेकपूर्ण आचरण जरूरी है। उन्होंने समाज के वंचित और गरीब वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने की सीख भी दी।

संत परंपरा और भारतीय संस्कृति से सशक्त होता लोकतंत्र: विधानसभा अध्यक्ष

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आचार्य श्री के शुभागमन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय अध्यात्म और शांतिप्रियता की गूंज पूरे विश्व में है। भारत ने हमेशा युद्ध के स्थान पर शांति का मार्ग चुना है। राज्य सरकार संतों के मार्गदर्शन में गौ-सेवा, समाज कल्याण और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्यरत है।

कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने जैन दर्शन में क्षमावाणी के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयंत मलैया, अजय विश्नोई सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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